स्वतंत्रता दिवस पर ओंकारेश्वर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब: इंदौर-खंडवा मार्ग पर लगा भीषण जाम, 2 घंटे का सफर 6 घंटे में बदला
ओंकारेश्वर: स्वतंत्रता दिवस और लंबे वीकेंड (Long Weekend) के अवसर पर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रसिद्ध ओंकारेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 15 अगस्त को एक ही दिन में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने नर्मदा स्नान कर भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर के दर्शन किए। आस्था के इस जनसैलाब के बीच इंदौर-खंडवा राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई, जिससे श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इंदौर-खंडवा मार्ग पर रेंगते नजर आए वाहन
स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के चलते इंदौर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों से ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुए। गाड़ियों का दबाव अचानक बढ़ने से सिमरोल घाट, भेरूघाट और बड़वाह नर्मदा पुल के पास कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सामान्य दिनों में इंदौर से ओंकारेश्वर पहुँचने में जहाँ 2 से ढाई घंटे का समय लगता है, वहीं शुक्रवार को श्रद्धालुओं को यह दूरी तय करने में 5 से 6 घंटे लग गए। जाम में फंसे बच्चों और बुजुर्गों को उमस व गर्मी के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंदिर परिसर में लगी लंबी लाइनें, दर्शन में लगे 3 से 4 घंटे
जाम से जूझकर ओंकारेश्वर पहुंचे श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में भी राहत नहीं मिली। ओंकारेश्वर के नए-पुराने कोटितीर्थ घाट और झूला पुल पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। मंदिर के गर्भगृह तक पहुँचने और भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को 3 से 4 घंटे तक कतारों में खड़ा रहना पड़ा। भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण स्थानीय व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं।
सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त, प्रशासन ने जारी की अपील
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। नर्मदा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जल पुलिस और होमगार्ड के जवानों की विशेष तैनाती की गई। वाहनों को शहर से बाहर अस्थायी पार्किंग स्थलों पर रोका गया। यातायात पुलिस और प्रशासन ने वीकेंड पर और भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।
