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Homeमध्य प्रदेशहनीट्रैप-2: 100 से ज्यादा वीडियो, करोड़ों की ब्लैकमेलिंग का भंडाफोड़

हनीट्रैप-2: 100 से ज्यादा वीडियो, करोड़ों की ब्लैकमेलिंग का भंडाफोड़

बिजनेसमैन, नेता और डीआईजी रैंक के अफसरों के भी नाम, दिल्ली से गुजरात तक फैला नेटवर्क

हनीट्रैप का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जिसने सनसनी मचा दी है। इसे ‘हनीट्रैप-2’ कहा जा रहा है। इस गिरोह ने 100 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो बनाकर करोड़ों रुपये की ब्लैकमेलिंग की है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस रैकेट के जाल में कई रसूखदार लोग फंसे हैं, जिनमें बिजनेसमैन, नेता और यहाँ तक कि डीआईजी रैंक के अफसर भी शामिल बताए जा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस गिरोह का नेटवर्क बहुत व्यापक है और इसके तार दिल्ली से लेकर गुजरात तक फैले हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में कुछ अहम गिरफ्तारियां की हैं और पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।

कैसे काम करता था गिरोह?

शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह गिरोह एक सोची-समझी साजिश के तहत काम करता था।

  1. शिकार की तलाश: गिरोह की महिला सदस्य सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स या सामाजिक आयोजनों के जरिए अमीर और प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाती थीं।
  2. दोस्ती और अंतरंगता: ये महिलाएं अपने शिकार से दोस्ती बढ़ाकर उन्हें अपने झांसे में लेती थीं और फिर उनके साथ अंतरंग संबंध बनाती थीं।
  3. गुप्त रिकॉर्डिंग: इस दौरान, गिरोह के अन्य सदस्य छिपे हुए कैमरों या मोबाइल फोन की मदद से आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लेते थे।
  4. ब्लैकमेलिंग का खेल: इसके बाद शुरू होता था असली खेल। गिरोह इन वीडियो के जरिए शिकार को ब्लैकमेल करता था और उनसे मोटी रकम की मांग करता था। बदनामी के डर से कई लोग उन्हें पैसे दे देते थे।

करोड़ों की वसूली का अनुमान:

पुलिस का अनुमान है कि इस गिरोह ने अब तक करोड़ों रुपये की वसूली की है। 100 से ज्यादा वीडियो बरामद होने से यह साफ है कि शिकार हुए लोगों की संख्या काफी ज्यादा हो सकती है।

रसूखदारों के नाम आने से हड़कंप:

इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा बिजनेसमैन, नेताओं और एक डीआईजी रैंक के अफसर का नाम आने को लेकर हो रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी का नाम उजागर नहीं किया है, लेकिन इन नामों के सामने आने से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

आगे की जांच:

पुलिस फिलहाल इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। दिल्ली और गुजरात पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके।

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