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ऐतिहासिक रणनीतिक बदलाव: भारत ने पहली बार तैनात किए 12 परमाणु बम

दो साल में हमारे एटमी हथियार 180 से बढ़कर 190 हुए; पाकिस्तान से 20 ज्यादा; सिप्री (SIPRI) की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली

भारत ने अपनी परमाणु रक्षा नीति और रणनीतिक तैयारियों में एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। वैश्विक परमाणु हथियारों पर नजर रखने वाली स्वीडन की मशहूर संस्था ‘स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट’ (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने पहली बार शांतिकाल (Peacetime) के दौरान भी अपनी मिसाइलों पर कम से कम 12 परमाणु हथियार (वॉरहेड) तैनात किए हैं।

इसके साथ ही भारत का कुल परमाणु जखीरा पिछले दो वर्षों में 180 से बढ़कर 190 हो गया है। भारत अब परमाणु बमों के मामले में अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान से आगे निकल गया है, जिसके पास फिलहाल 170 परमाणु हथियार हैं।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ऐतिहासिक तैनाती: भारत ने इतिहास में पहली बार 12 परमाणु वॉरहेड को सक्रिय रूप से तैनात (Deployed) किया है। इससे पहले भारत के परमाणु हथियारों को केवल सुरक्षित भंडार (Stockpile) के रूप में रखा जाता था।
  • बढ़ता जखीरा: भारत के पास परमाणु हथियारों की संख्या बढ़कर 190 हो गई है, जो पाकिस्तान (170) से 20 अधिक है।
  • रणनीतिक बदलाव: भारत अब ‘नो फर्स्ट यूज’ (No First Use) की नीति को कायम रखते हुए अपनी जवाबी कार्रवाई (Second Strike) की क्षमता को और मजबूत कर रहा है।
  • चीन सबसे आगे: पड़ोसी देश चीन के पास 620 परमाणु हथियार हैं, जिनमें से उसने 34 को तैनात कर रखा है।

शांतिकाल में तैनाती का क्या है मतलब?

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अब तक भारत की परमाणु नीति के तहत परमाणु वॉरहेड्स (बम) और उन्हें दागने वाले सिस्टम (जैसे मिसाइलें) अलग-अलग जगहों पर सुरक्षित रखे जाते थे। लेकिन सिप्री की रिपोर्ट बताती है कि भारत अब कुछ परमाणु मिसाइलों को ‘कैनिस्टराइज्ड’ (लॉन्च के लिए तुरंत तैयार स्थिति) करने और उन्हें बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों पर तैनात करने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारत ने अपनी दो परमाणु-सशस्त्र पनडुब्बियों—आईएनएस अरिघात (INS Arighaat) और आईएनएस अरिदमन (INS Aridaman) पर इन हथियारों को तैनात किया हो सकता है, जो समुद्र के नीचे लंबी गश्त पर रहती हैं। इससे दुश्मन के किसी भी अप्रत्याशित परमाणु हमले की स्थिति में तुरंत और अचूक जवाबी कार्रवाई की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।

चीन और पाकिस्तान की स्थिति: कौन कहाँ खड़ा है?

देश

कुल परमाणु हथियार (वॉरहेड्स)

तैनात हथियार (Deployed)

चीन

620

34

भारत

190

12

पाकिस्तान

170

0 (पुष्टि नहीं)

आंकड़े: सिप्री (SIPRI) रिपोर्ट के अनुसार

चीन पर केंद्रित हो रहा है भारत का आधुनिकीकरण

सिप्री के अनुसार, हालांकि भारत की रणनीतिक योजना में पाकिस्तान के साथ पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता शामिल है, लेकिन अब भारत का परमाणु आधुनिकीकरण कार्यक्रम तेजी से चीन को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। भारत अब ऐसी लंबी दूरी के हथियारों (जैसे अग्नि-5 मिसाइल तकनीक) के विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है, जो पूरे चीन को अपनी जद में ले सकती हैं। दूसरी तरफ, पाकिस्तान भी लगातार नए डिलीवरी सिस्टम और परमाणु सामग्री जुटाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन फिलहाल उसके किसी भी परमाणु हथियार के सक्रिय रूप से तैनात होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं।

दुनिया में बढ़ रहा है परमाणु खतरा

सिप्री के महानिदेशक के अनुसार, दुनिया के नौ परमाणु संपन्न देशों (अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इजरायल और उत्तर कोरिया) के पास कुल मिलाकर 12,187 परमाणु हथियार हैं, जिनमें से लगभग 9,745 इस्तेमाल के लिए सैन्य बेड़े में तैयार रखे गए हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि वैश्विक तनाव के इस दौर में परमाणु हथियारों पर देशों की निर्भरता का बढ़ना बेहद चिंताजनक है।

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