( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )
ग्राहक की शिकायत पर मालवा मिल स्थित दुकान से काजू, बादाम और लड्डू के नमूने लिए गए। जांच के दौरान दुकान पर लाइसेंस संबंधी अनियमितताएं भी सामने आईं।
एनटीवी टाइम न्यूज इंदौर/ त्योहारी सीजन से पहले मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों के खिलाफ प्रशासन का ‘ऑपरेशन शुद्ध’ लगातार जारी है। इसी बीच मालवा मिल क्षेत्र की एक ड्राई फ्रूट दुकान से खरीदे गए काजू में कीड़े निकलने की शिकायत ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। खास बात यह रही कि शिकायत मिलते ही खाद्य विभाग की टीम करीब 20 मिनट में मौके पर पहुंच गई और दुकान से ड्राई फ्रूट्स सहित अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए।
यह मामला केवल एक ग्राहक की शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि ऊंची कीमत चुकाने के बाद भी क्या उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल रही है? विशेषज्ञों का भी मानना है कि त्योहारों के दौरान सूखे मेवे, मावा और मिठाइयों की खरीदारी बढ़ जाती है, ऐसे में उपभोक्ताओं को गुणवत्ता को लेकर विशेष सतर्क रहने की जरूरत है।

महंगे काजू में निकले कीड़े
शिकायतकर्ता के अनुसार उसने मालवा मिल स्थित आर.के. ड्राई फ्रूट्स से करीब साढ़े छह हजार रुपये के ड्राई फ्रूट्स खरीदे थे। इनमें से 1400 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदे गए आधा किलो काजू में कुछ दिनों बाद कीड़े निकल आए। शिकायत लेकर जब ग्राहक दुकान पहुंचा तो संचालक ने कथित तौर पर कहा कि यदि काजू एक महीने से अधिक समय तक रखे जाएं तो उनमें कीड़े लग सकते हैं। ग्राहक ने काजू बदलने का आग्रह किया, लेकिन बात नहीं बनने पर उसने खाद्य विभाग से शिकायत कर दी।
20 मिनट में पहुंची जांच टीम
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी को शिकायत मिलने के बाद विभाग की टीम तत्काल दुकान पर पहुंची। जांच के दौरान अधिकारियों ने दुकान में उपलब्ध काजू, बादाम और अन्य खाद्य उत्पादों का निरीक्षण किया। टीम ने नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया।
दुकान पर लाइसेंस को लेकर भी सवाल
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि दुकान पर आवश्यक फूड लाइसेंस और गुमास्ता लाइसेंस प्रदर्शित नहीं था। विभाग ने इस संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
‘ड्राई फ्रूट लड्डू’ से ‘उड़द दाल के लड्डू’ तक
कार्रवाई के दौरान एक दिलचस्प स्थिति भी सामने आई। दुकान के बाहर शोकेस में ‘ड्राई फ्रूट लड्डू’ लिखकर उत्पाद प्रदर्शित किए गए थे। जब खाद्य विभाग ने इन लड्डुओं के भी नमूने लेने की बात कही तो दुकान संचालक ने कथित तौर पर कहा कि ये ड्राई फ्रूट नहीं, बल्कि उड़द दाल के लड्डू हैं। हालांकि अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध लड्डुओं के भी नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए।
रिपोर्ट तय करेगी आगे की कार्रवाई
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। यदि जांच रिपोर्ट में गुणवत्ता संबंधी अनियमितता या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नियमानुसार चालानी और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के दौरान ड्राई फ्रूट्स, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उपभोक्ताओं को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए
- हमेशा अधिकृत और लाइसेंसधारी दुकानों से ही खरीदारी करें।
- बिल अवश्य लें और उसे सुरक्षित रखें।
- पैकिंग, निर्माण तिथि और गुणवत्ता की जांच करें।
- किसी भी खाद्य पदार्थ में खराबी, दुर्गंध, कीड़े या मिलावट दिखाई दे तो तत्काल खाद्य विभाग में शिकायत करें।
त्योहारों के मौसम में प्रशासन की कार्रवाई जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी उपभोक्ताओं की सतर्कता भी है। समय पर की गई एक शिकायत न केवल संबंधित मामले में कार्रवाई कराती है, बल्कि अन्य लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


