इंदौर। स्वाद के शहर इंदौर में शुद्ध दूध से बने पनीर की जगह ‘एनालॉग पनीर’ (कृत्रिम या वनस्पति तेल से बना पनीर) का कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है। असली पनीर की तुलना में लगभग आधी कीमत—मात्र ₹280 प्रति किलो—में मिलने के कारण शहर के स्ट्रीट फूड से लेकर बड़े होटलों तक में इसकी भारी खपत हो रही है।
पालदा, बेटमा और महू में चल रही हैं बड़ी यूनिट्स
खाद्य विभाग की नजरों से बचकर या नियमों के लूपहोल्स का फायदा उठाकर शहर के बाहरी इलाकों में इसकी मैन्युफैक्चरिंग जोर-शोर से जारी है:
पालदा इंडस्ट्रियल एरिया: छोटे-बड़े गोदामों और प्रोसेसिंग यूनिट्स में रोजाना क्विंटल से एनालॉग पनीर तैयार हो रहा है।
बेटमा और महू: इन ग्रामीण व सेमी-अर्बन इलाकों में स्थित छोटी यूनिट्स से पूरे शहर और आसपास के ढाबों पर माल सप्लाई किया जा रहा है।
होटल-ढाबों से लेकर मोमोस और चाइनीज स्टॉल्स पर सबसे ज्यादा खपत
सस्ता होने के कारण मुनाफा कमाने के चक्कर में इसका इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है:
फास्ट फूड व स्ट्रीट फूड: मोमोस स्टॉल्स, चाइनीज वेंडर्स, रोल और सैंडविच की दुकानों पर 80% से ज्यादा एनालॉग पनीर इस्तेमाल हो रहा है।
रोडसाइड ढाबे व बजट होटल: पनीर बटर मसाला और कढ़ाई पनीर जैसी भारी ग्रेवी वाली सब्जियों में इसे मिलाकर परोसा जाता है ताकि स्वाद में फर्क का पता आसानी से न चले।
क्या होता है एनालॉग पनीर और क्यों है यह चिंताजनक?
असली पनीर दूध को फाड़कर (मलाई और प्रोटीन के साथ) बनाया जाता है। वहीं, एनालॉग पनीर को तैयार करने के लिए:
सामग्री: स्किम्ड मिल्क पाउडर (SMP), पाम ऑयल या वनस्पति घी, स्टार्च और केमिकल इमल्सीफायर्स का इस्तेमाल होता है।
लागत में अंतर: असली पनीर जहां ₹450 से ₹500 प्रति किलो बिकता है, वहीं यह ₹280 किलो में थोक व्यापारियों को आसानी से मिल जाता है।
सेहत पर असर: वनस्पति घी और पाम ऑयल की अधिक मात्रा के कारण यह बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ाता है, जिससे दिल की बीमारियां और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
असली और एनालॉग पनीर की पहचान कैसे करें?
हथेली पर मसलकर देखें: असली पनीर मसलने पर टूटकर बिखरता नहीं है और हाथ में घी/चिकनाई छोड़ता है। एनालॉग पनीर रबर जैसा खिंचता है या चूरा-चूरा हो जाता है।
आयोडीन टेस्ट: पनीर के टुकड़े पर आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डालें। अगर रंग नीला हो जाए, तो समझें इसमें स्टार्च (एनालॉग) मिलाया गया है।
गर्म पानी टेस्ट: उबलते पानी में डालने पर एनालॉग पनीर बहुत जल्दी घुलकर रबड़ की तरह चिपचिपा होने लगता है।
शहरवासियों को बाहर खाते समय सतर्क रहने और पैकेज्ड-ब्रांडेड पनीर को ही प्राथमिकता देने की जरूरत है।


