उज्जैन
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुँचते हैं। मंदिर परिसर के बाहर अक्सर जूते-चप्पल स्टैंड पर भारी भीड़ के कारण चप्पलें गुम होना या ढूँढने में लंबा समय लगना आम बात है। हाल ही में एक ऐसा ही वाकया सामने आया, जहाँ एक श्रद्धालु दर्शन के बाद घंटों अपनी चप्पल ढूँढता रहा। जब सारे प्रयास नाकाम हो गए, तो उसने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया और महज कुछ सेकंड में अपनी खोई हुई चप्पलों की जोड़ी वापस पा ली।
क्या है पूरा मामला?
मंदिर से बाहर निकलने के बाद श्रद्धालु ने देखा कि स्टैंड पर हजारों जूते-चप्पलों का ढेर लगा हुआ था। काफी मशक्कत के बाद भी जब उसकी चप्पल नहीं मिली, तो उसने अपने मोबाइल से उस चप्पल स्टैंड और ढेर की एक फोटो ली। इसके बाद उसने फोटो को ChatGPT (AI) में अपलोड किया और अपनी चप्पल का रंग और पैटर्न बताते हुए उसे ढूँढने में मदद माँगी।
AI ने कैसे की मदद?
ChatGPT के विजन (Vision) फीचर ने फोटो का बारीकी से विश्लेषण किया और छवि को ज़ूम करके चप्पलों के विशाल ढेर में से ठीक उसी जगह को हाइलाइट कर दिया, जहाँ श्रद्धालु की चप्पलें रखी हुई थीं। AI के बताए सटीक लोकेशन को देखकर श्रद्धालु ने तुरंत अपनी चप्पलें पहचान लीं और उन्हें उठा लिया।
तकनीक और आस्था का अनोखा संगम
महाकाल मंदिर में हुआ यह मामला सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे तकनीक और दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान का बेहतरीन उदाहरण मान रहे हैं। मंदिर आने वाले अन्य श्रद्धालुओं का भी कहना है कि आज के दौर में AI तकनीक केवल दफ्तरी काम तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस तरह की छोटी-मोटी परेशानियों को सुलझाने में भी काफी मददगार साबित हो रही है।


