Tuesday, August 18, 2026

TOP NEWS

iQOO Z11 5G: भारत...

iQOO Z11 5G: भारत में इस दिन एंट्री करेगा 7,050mAh बैटरी वाला यह...

MP में 12 अक्टूबर...

MP में 12 अक्टूबर से होगी TET परीक्षा: 21 अगस्त से भरें फॉर्म,...

Netaji Subhash Chandra Bose...

18 August Special: क्या ताइवान के उस विमान हादसे में सचमुच खत्म हो...

श्री तारण तरण स्वामी...

बाल ब्रह्मचारी सत्येंद्र पत्रकार NTVउपदेश शुद्ध सार ग्रंथादिराज की जय होकल हमने...
Homeदेश18 अगस्त के वो ऐतिहासिक पन्ने, जिन्होंने बदली भारत और दुनिया की...

18 अगस्त के वो ऐतिहासिक पन्ने, जिन्होंने बदली भारत और दुनिया की तकदीर

18 अगस्त के वो ऐतिहासिक पन्ने, जिन्होंने बदली भारत और दुनिया की तकदीर

न्यूज़ डेस्क, नई दिल्ली: तारीखें सिर्फ कैलेंडर बदलने के लिए नहीं होतीं, कुछ तारीखें इतिहास के सीने पर हमेशा के लिए दर्ज हो जाती हैं। आज 18 अगस्त है। देश और दुनिया के नजरिए से यह महज एक तारीख नहीं, बल्कि रहस्यों, प्राकृतिक आपदाओं और बड़े बदलावों का एक ऐसा दस्तावेज है, जिसने मानव इतिहास की दिशा को हमेशा के लिए प्रभावित किया। आज ‘इतिहास के झरोखे’ से हम आपको रूबरू करा रहे हैं उन बड़ी घटनाओं से, जिन्होंने सुर्खियां भी बनाईं और सबक भी दिए।

ताइवान का वो विमान हादसा और नेताजी का अनसुलझा रहस्य

भारतीय इतिहास के लिहाज से 18 अगस्त की तारीख एक बहुत बड़े ‘सस्पेंस’ और गहरे दुख से जुड़ी है। साल 1945 में आज ही के दिन ताइवान के ताइहोकू हवाई अड्डे से एक जापानी सैन्य विमान ने उड़ान भरी थी। चंद लम्हों बाद ही वह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। खबर आई कि इस हादसे में भारत के महानायक और ‘आज़ाद हिंद फ़ौज’ के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस का निधन हो गया है। हालांकि, पुख्ता सबूतों के अभाव में आज आठ दशक बीत जाने के बाद भी यह घटना भारतीय राजनीति और इतिहास का सबसे बड़ा अनसुलझा रहस्य बनी हुई है। नेताजी का क्या हुआ, यह सवाल आज भी हर भारतीय के जेहन में कौंधता है।

जब कांप उठी धरती: असम का वो विनाशकारी भूकंप

अगर कुदरत के कहर की बात करें, तो 18 अगस्त 1950 को भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम ने मौत का वो तांडव देखा जिसे याद कर आज भी रूह कांप जाती है। आज ही के दिन आए 8.6 तीव्रता के भीषण भूकंप ने पूरे क्षेत्र को तहस-नहस कर दिया था। इस आपदा की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भूकंप के बाद ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों में आई बाढ़ ने सैकड़ों गांवों का नामोनिशान मिटा दिया था। हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई और यह भूकंप 20वीं सदी की सबसे बड़ी प्राकृतिक त्रासदियों में शुमार हो गया।

आधी आबादी को मिला हक: अमेरिकी इतिहास का टर्निंग पॉइंट

वैश्विक पटल पर 18 अगस्त की तारीख महिलाओं के अधिकारों के लिए एक नया सवेरा लेकर आई थी। साल 1920 में आज ही के दिन अमेरिकी संविधान में 19वां संशोधन लागू किया गया था। इस एक संशोधन ने अमेरिका की आधी आबादी की किस्मत बदल दी, क्योंकि इसके जरिए महिलाओं को पहली बार वोट देने (मताधिकार) का कानूनी अधिकार मिला। इस घटना ने दुनिया भर में चल रहे महिला आंदोलनों को एक नई ऊर्जा और दिशा दी थी।

विज्ञान की बड़ी छलांग: मंगल के ‘फोबोस’ पर नजर

विज्ञान और खगोलशास्त्र के शौकीनों के लिए भी आज का दिन बेहद खास है। साल 1877 में आज ही के दिन अमेरिकी खगोल वैज्ञानिक आसाप हॉल ने अंतरिक्ष विज्ञान में एक नया इतिहास रचा था। उन्होंने मंगल ग्रह के सबसे बड़े और रहस्यमयी चंद्रमा ‘फोबोस’ (Phobos) की खोज की थी। इस खोज ने वैज्ञानिकों के लिए सौरमंडल को समझने के नए रास्ते खोले थे। [1, 2]

संक्षिप्त सुर्खियां: कुछ और अहम कड़ियां

पावर ग्रिड फेल्योर (2005): आज ही के दिन इंडोनेशिया के जावा और बाली द्वीप में इतिहास का सबसे बड़ा बिजली संकट गहराया था, जिससे करीब 10 करोड़ लोग कई घंटों तक बिना बिजली के रहने को मजबूर हुए थे।

आईआईटी खड़गपुर (1951): भारत में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आज के ही दिन एक नए युग की शुरुआत हुई थी, जब पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में देश के पहले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) की औपचारिक नींव पड़ी थी।


RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments