गुना में शर्मनाक करतूत: 10 छात्राओं की पानी की बोतलों में मिलाया पेशाब, शिकायत पर प्राचार्य बोले- ‘मुंह खराब हुआ तो चॉकलेट खा लो’
गुना
विशेष संवाददाता प्रफुल्ल तवर
मध्य प्रदेश के गुना जिले से स्कूली शिक्षा और बच्चों की सुरक्षा को तार-तार कर देने वाली एक बेहद शर्मनाक खबर सामने आई है। यहाँ एक विद्यालय में अज्ञात खुराफातियों ने कक्षा की 10 छात्राओं की पानी की बोतलों में पेशाब मिला दिया। अनजाने में मासूम बच्चियों ने वही जहरीला पानी पी लिया, जिसके बाद जब वे शिकायत लेकर प्राचार्य के पास पहुंचीं, तो प्रशासन का अमानवीय और गैर-जिम्मेदाराना रवैया उजागर हुआ।
पानी पीते ही बिगड़ी बच्चियों की तबीयत
मिली जानकारी के अनुसार, लंच ब्रेक के समय जब छात्राएं अपनी कक्षाओं में लौटीं और अपनी बोतलों से पानी पिया, तो उन्हें अजीब सी बदबू और स्वाद का अहसास हुआ। जब बोतलों की जांच की गई तो उसमें दूषित पदार्थ मिला हुआ पाया गया। गंदा पानी पेट में जाते ही कई छात्राओं का जी मिचलाने लगा और उन्हें उल्टी आने लगी।
प्राचार्य का संवेदनहीन जवाब
घटना से डरी-सहमी छात्राएं जब हिम्मत जुटाकर शिकायत करने सीधे प्राचार्य (प्रिंसिपल) के पास पहुंचीं, तो मदद की बजाय उन्हें दुत्कार मिला। आरोप है कि प्राचार्य ने इस गंभीर घटना को पूरी तरह से हल्के में लिया और संवेदनहीनता दिखाते हुए छात्राओं से कहा, “अगर मुंह का स्वाद खराब हो गया है तो जाकर चॉकलेट खा लो।”
अभिभावकों का फूटा गुस्सा, कार्रवाई की मांग
छुट्टी के बाद जब छात्राओं ने घर पहुंचकर पूरी आपबीती परिजनों को सुनाई, तो गुना में हड़कंप मच गया। आक्रोशित अभिभावक और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे और जमकर विरोध जताया। परिजनों का कहना है कि यह केवल एक खुराफात नहीं, बल्कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
मामला तूल पकड़ते ही पुलिस और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। अभिभावकों ने दोषी तत्वों के खिलाफ सख्त पुलिस कार्रवाई और गैर-जिम्मेदाराना बयान देने वाले प्राचार्य पर तत्काल निलंबन की मांग की है।


