यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ पर रेल मंत्रालय का बड़ा एक्शन: रेलवे स्टेशनों पर लगेगा ‘टैंक टू टैप’ वॉटर सिस्टम, कैग की रिपोर्ट के बाद लिया फैसला
विशेष रिपोर्ट (NTVTIME डिजिटल)
देश भर के रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच रेल मंत्रालय ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। नई दिल्ली, मुंबई और हावड़ा जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पानी की जांच में कमियां सामने आने के बाद अब यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित जल मुहैया कराने के लिए बड़े पैमाने पर ‘टैंक टू टैप’ एडवांस वॉटर फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
हाल ही में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में कुछ प्रमुख स्टेशनों के पानी के नमूनों में मानकों की अनदेखी और बैक्टीरिया पाए जाने की बात उजागर हुई थी। इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए रेल मंत्री ने अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई और व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के कड़े आदेश जारी किए।
क्या है ‘टैंक टू टैप’ योजना और कैसे मिलेगा लाभ?
रेलवे के नए प्लान के तहत देश भर के लगभग 20 हजार से अधिक वॉटर सप्लाई लोकेशंस और प्लेटफॉर्म्स पर आधुनिक ऑटोमैटिक फिल्ट्रेशन और प्यूरीफिकेशन यूनिट्स स्थापित की जाएंगी।
स्वचालित मॉनिटरिंग: पानी में क्लोरीन और टीडीएस (TDS) के स्तर की वास्तविक समय (Real-time) में निगरानी होगी।
सख्त जांच व्यवस्था: प्रत्येक मुख्य स्टेशन पर जल गुणवत्ता की जांच के लिए हर सप्ताह रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव: वर्षों पुराने ओवरहेड वॉटर टैंकों की सफाई का विशेष अभियान चलाया जाएगा और जहां जरूरत होगी, वहां पुरानी पाइपलाइनों को तुरंत बदला जाएगा।
लाखों रेल यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
गर्मी और त्योहारी सीजन के दौरान देश भर के करोड़ों यात्री रोजाना ट्रेनों और स्टेशनों पर उपलब्ध नल के पानी का इस्तेमाल करते हैं। पानी की गुणवत्ता खराब होने से अक्सर यात्रियों को मजबूरी में पैक्ड बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता था या बीमार होने का खतरा बना रहता था। सरकार के इस कदम से आम यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर ही निःशुल्क और शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
रेल अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जा रहा है और आगामी कुछ महीनों के भीतर सभी मुख्य स्टेशनों पर नई फिल्ट्रेशन प्रणाली पूरी तरह काम करने लगेगी।


