चंबल का नया दौर: भिंड के मालनपुर में खुली एशिया की सबसे बड़ी साबुन फैक्ट्री, CM बोले- ‘देशभर के मच्छर भगाने वाली गुडनाइट अब यहीं से जाएगी’
भिंड/ग्वालियर:
ग्वालियर-चंबल अंचल की छवि अब पूरी तरह बदल चुकी है। बुधवार को भिंड जिले के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र ने एक नया इतिहास रच दिया, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहाँ एशिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड सोप (साबुन) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया। दिग्गज एफएमसीजी कंपनी ‘गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स’ (GCPL) द्वारा तैयार इस मेगा यूनिट की क्षमता देखकर हर कोई हैरान है। पलक झपकते ही तैयार होंगे हजारों साबुन
पलक झपकते ही तैयार होंगे हजारों साबुन
इस नए अत्याधुनिक प्लांट की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ सिर्फ 1 मिनट के भीतर 4,000 से ज्यादा साबुनों का उत्पादन किया जाएगा। कंपनी ने इस आधुनिक प्लांट को तैयार करने के लिए ₹450 करोड़ से अधिक का फ्रेश इन्वेस्टमेंट (नया निवेश) किया है। इसके शुरू होने के बाद मालनपुर साइट पर गोदरेज का कुल निवेश ₹850 करोड़ के पार पहुँच गया है, जहाँ गोदरेज नंबर-1 और सिंथॉल जैसे मशहूर ब्रांड्स का प्रोडक्शन होगा।
“गुडनाइट चंबल से जाएगा” – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने कड़क अंदाज़ में चंबल के इस बदलाव को रेखांकित किया। सीएम ने कहा— “अतीत में लोगों ने भिंड का एक अलग दौर देखा था, लेकिन आज की तस्वीर जुदा है। देश के किसी भी कोने में मच्छर छिपे हों, उन्हें खत्म करने वाली ‘गुडनाइट’ और नहाने का ‘साबुन’ इसी चंबल की धरती से बनकर जाएगा।” मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उनकी सरकार केवल कागजों पर समझौते (MoUs) नहीं करती, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर स्थानीय स्तर पर तरक्की लाती है।
रोजगार में आधी आबादी को मिलेगी बड़ी हिस्सेदारी
यह प्रोजेक्ट केवल फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार का एक बड़ा जरिया बनने जा रहा है। इस पूरी यूनिट से 2,250 से ज्यादा लोगों को सीधा रोजगार मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की कानूनी छूट देने के बाद, इस फैक्ट्री में महिला कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलेगा।
औद्योगिक हब बनता जा रहा है भिंड
इस ऐतिहासिक मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि मालनपुर की यह फैक्ट्री प्रधानमंत्री मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ विजन को सच कर रही है। साबुन उद्योग के साथ-साथ भिंड में एक नए हाइड्रोजन प्लांट की नींव भी रखी जा चुकी है, जिससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह पूरा इलाका मध्य प्रदेश के सबसे बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में जाना जाएगा।


