अयोध्या: जनसुनवाई की शिकायतों पर DM शशांक त्रिपाठी का कड़ा एक्शन, लेखपाल निलंबित
उत्तर प्रदेश के अयोध्या जनपद में जनसुनवाई के दौरान आम जनता से प्राप्त शिकायतों पर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कड़ा रुख अपनाते हुए त्वरित और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई कराई है। डीएम के निर्देश पर राजस्व टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसके तहत चकमार्गों पर किए गए अवैध कब्जों को हटवाया गया, नवीन परती व बंजर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया और कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने पर बीकापुर के तत्कालीन लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
बीकापुर तहसील क्षेत्र के सटकपुर गयासपुर निवासी द्वारा सरकारी चकमार्ग की पैमाइश और मिट्टी पटाई के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में गाटा संख्या अभिलेखों में चकमार्ग दर्ज पाई गई, जिस पर स्थानीय चकदारों ने अपने खेतों में मिलाकर अवैध कब्जा कर रखा था। मौके पर निशानदेही कराकर शिकायत सही पाए जाने पर तत्कालीन लेखपाल गिरीश कुमार को निलंबित कर दिया गया और चकमार्ग पर तत्काल मिट्टी पटाई का कार्य प्रारंभ कराया गया। इसी प्रकार ग्राम पछियाना (बीकापुर) में नवीन परती की सरकारी जमीन पर गन्ने की फसल लगाकर किए गए आंशिक कब्जे की शिकायत पर एसडीएम बीकापुर ने ट्रैक्टर से जुताई करवाकर सरकारी भूमि को पूर्णतः कब्जामुक्त कराया।
जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण और शिकायतों पर हुई प्रमुख कार्रवाइयां:
सोहावल: ग्राम खिरौनी में चकमार्ग की विधिवत पैमाइश कराकर मिट्टी पटाई का कार्य पूरा कराया गया।
बीकापुर: ग्राम रूरूखास में पट्टे की भूमि से अवैध कब्जा हटाकर वास्तविक आवंटिता को कब्जा दिलाया गया, जबकि कोरो राघवपुर में भूमि का सीमांकन कर खूंटा गड़वाया गया।
अयोध्या सदर: कादीपुर में चकमार्ग की मिट्टी पटाई कराई गई, बनबीरपुर में आम रास्ते पर बनाई गई अवैध दीवार को ध्वस्त कर रास्ता खाली कराया गया, नहरबाग में लटकते खुले बिजली तारों को व्यवस्थित कर नए पोल व एबीसी केबल लगवाए गए तथा बछड़ा सुल्तानपुर में अवैध पेयजल कनेक्शन काटा गया।
मिल्कीपुर: ग्राम सहियौना में चकमार्ग का सीमांकन कर काश्तकारों का अतिक्रमण हटाया गया एवं रामपुर पुआरी में बंजर भूमि पर किए गए नए अवैध निर्माण को बुलडोजर/टीम द्वारा ध्वस्त कराया गया।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों और राजस्व कर्मियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनसुनवाई व आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि विवादों और सार्वजनिक रास्तों पर कब्जे के मामलों में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
