रिपोर्ट: प्रदीप मैथिल
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल: गंजबासौदा में बाबा रामदेव जी की भव्य कलश यात्रा में दिखा हिंदू-मुस्लिम एकता का अनूठा रूप!
गंजबासौदा (विदिशा)। आस्था, भक्ति और सामाजिक सौहार्द के संगम के साथ शहर में लोक देवता बाबा रामदेव जी का भव्य चल समारोह एवं कलश यात्रा पूरी धूमधाम और गरिमा के साथ निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन की सबसे खूबसूरत और खास बात रही—हिंदू-मुस्लिम एकता का अद्वितीय परिचय, जिसने पूरे शहर में भाईचारे का संदेश दिया।
हिंदू-मुस्लिम एकता का अद्वितीय परिचय, जिसने पूरे शहर में भाईचारे का संदेश दिया।
सिर पर मंगल कलश धारण किए सैकड़ों श्रद्धालुओं और ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ यह भव्य यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा का मार्ग भक्तिमय भजनों और बाबा रामदेव जी के जयकारों से गूंज उठा। जगह-जगह सर्वसमाज और मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा यात्रा पर पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया। सांप्रदायिक सौहार्द के इस दृश्य ने गंजबासौदा की गंगा-जमुनी तहजीब को एक बार फिर से जीवंत कर दिया।
धार्मिक यात्रा का समापन बाबा रामदेव जी के दरबार में महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जहां सभी श्रद्धालुओं ने एकजुट होकर देश-प्रदेश में शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारे की कामना की।
गंजबासौदा, जिला विदिशा (मध्य प्रदेश)
