महेश राठौड़
डिप्टी रेंजर के जोरदार थप्पड़ से फटा आदिवासी किसान के कान का पर्दा
न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा पीड़ित
बैतूल। पश्चिम वन मंडल (सामान्य) की खेड़ी सावलीगढ़ रेंज में पदस्थ डिप्टी रेंजर पर एक आदिवासी किसान के साथ मारपीट करने और थप्पड़ मारने से उसके कान का पर्दा फटने का गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़ित किसान का कहना है कि अधिकारी के थप्पड़ से उसके बाएं कान का पर्दा फट गया, जिसके बाद उसे सुनाई देना बंद हो गया और कान से मवाद भी निकलने लगा। मामले में पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक और वन मंडल अधिकारी से शिकायत कर आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रकरण में गंभीर धाराएं बढ़ाने की मांग की है।
घटनाक्रम के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम प्रभुढाना निवासी 42 वर्षीय रमेश उइके ने शिकायत में बताया कि 25 जून 2026 को दोपहर करीब 2 बजे डिप्टी रेंजर ओमकारनाथ मालवीय तीन अन्य लोगों के साथ उसके खेत पर पहुंचे थे। यहां लकड़ी काटने को लेकर पूछताछ की गई। रमेश के मुताबिक, उसने अधिकारियों को बताया कि उसने पुरानी लेंडिया की लकड़ी से अपनी झोपड़ी बनाई है, लेकिन उसकी बात नहीं मानी गई और झोपड़ी को तोड़कर लकड़ी ट्रैक्टर में भरकर ले जाई गई।
पीड़ित के अनुसार, इसी दिन शाम करीब 4 बजे एक कर्मचारी उसे चौकीदार अशोक पोटे के घर लेकर गया। आरोप है कि वहां डिप्टी रेंजर ने उसके साथ गाली-गलौज की। रमेश का कहना है कि जब उसने इसका विरोध किया तो डिप्टी रेंजर ने उसके बाएं कान पर जोरदार थप्पड़ मार दिया। इसके बाद कान में तेज दर्द होने लगा और सुनाई देने में परेशानी शुरू हो गई।
– कार्रवाई करने पर झूठे केस में फंसाने का आरोप
रमेश ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि घटना के बाद उसे धमकी दी गई कि यदि उसने मामले में कोई कानूनी कार्रवाई की तो उसे झूठे प्रकरण में फंसाकर जेल भिजवा दिया जाएगा। पीड़ित के मुताबिक, इसी डर के चलते वह कुछ दिनों तक दर्द सहता रहा और निजी स्तर पर उपचार कराता रहा। हालत में सुधार नहीं होने और कान से मवाद निकलने के बाद उसने 11 जुलाई 2026 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
इसके बाद जिला अस्पताल बैतूल में हुई जांच में कान के पर्दे में चोट पाए जाने की बात सामने आई। पीड़ित का दावा है कि चिकित्सकों ने उसे आगे के उपचार के लिए भोपाल जाकर ऑपरेशन कराने की सलाह दी है। कान में आई चोट के कारण उसे सुनने में भी परेशानी हो रही है।
– धाराएं बढ़ाने की मांग
पीड़ित रमेश उइके का कहना है कि वह गरीब किसान है और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। कान में गंभीर चोट आने के बाद उसे काम करने में भी परेशानी हो रही है। उसका आरोप है कि पुलिस में दर्ज शुरुआती प्रकरण में अपेक्षाकृत हल्की धाराएं लगाई गई हैं, जबकि चिकित्सकीय जांच में कान के पर्दे में गंभीर चोट सामने आई है।
24 अगस्त को पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक और वन मंडल अधिकारी को शिकायत एवं शपथ पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में आवश्यक धाराएं बढ़ाने तथा आरोपी अधिकारी के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
