इंदौर। नगर निगम के चक्कर काटने और बाबुओं की लेटलतीफी से परेशान इंदौर के लोगों के लिए राहत की खबर है। निगम प्रशासन ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए कड़ा टाइम-फ्रेम तय कर दिया है। अब आवेदन करने के महज 48 घंटे के भीतर प्रमाण पत्र आवेदक के हाथ में होगा, वहीं किसी गलती को सुधारने (करैक्शन) के लिए सिर्फ 24 घंटे की मोहलत रहेगी।
अब तक प्रमाण पत्र बनवाने या उसमें नाम-पते की स्पेलिंग सुधरवाने के लिए लोगों को हफ्तों जोनल कार्यालयों के चक्कर घिसने पड़ते थे। पब्लिक की इसी परेशानी और लगातार आ रही शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया की ‘नकेल’ कसी है।
अस्पतालों की लापरवाही पर भी कसेगा शिकंजा
अक्सर देखने में आता है कि अस्पताल प्रशासन समय पर जन्म-मृत्यु का ब्योरा निगम के पोर्टल पर चढ़ाता ही नहीं, जिससे आम जनता परेशान होती है। इसे लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। शहर के तमाम सरकारी और निजी अस्पतालों को पाबंद किया गया है कि वे डेटा अपलोड करने में ढिलाई न बरतें, वरना उन पर भी कार्रवाई होगी।
खबर की मुख्य बातें:
- 2 दिन में सर्टिफिकेट: दस्तावेज पूरे होते ही 48 घंटे के अंदर डिजिटल सर्टिफिकेट इश्यू होगा।
- 24 घंटे में सुधार: नाम, उम्र या स्पेलिंग की गड़बड़ी के आवेदन पर 24 घंटे में एक्शन लेकर सुधारना होगा।
- सीधे डाउनलोड: अप्रूवल मिलते ही आवेदक घर बैठे डिजिटल कॉपी डाउनलोड कर सकेंगे।
इस नई समय-सीमा के लागू होने से न केवल दफ्तरों के चक्कर बंद होंगे, बल्कि प्रमाण पत्र के नाम पर होने वाली “अंदरूनी सेटिंग” और लेटलतीफी पर भी सीधी चोट पहुंचेगी।
