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भूटान में फटी शिंताफू झील, बह गए प्रसिद्ध गर्म पानी के कुंड; भारत में रातभर बजते रहे बाढ़ के सायरन

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भूटान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित एक संवेदनशील ग्लेशियर झील के अचानक फटने से भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में भारी तबाही का खतरा मंडरा रहा है। भूटान के गासा ज़िले में स्थित शिंताफू झील में एक बड़ा ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) हुआ, जिससे लगभग 74 लाख क्यूबिक मीटर पानी बह निकला। इस भारी सैलाब की वजह से भूटान में मशहूर गासा त्शाचु प्राकृतिक गर्म पानी के कुंड (Hot Spring) पूरी तरह बह गए हैं और कई रास्ते व बुनियादी ढांचे उखड़ गए हैं।

इस आपदा के बाद भारत सरकार ने पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती ज़िलों के लिए हाई प्रायोरिटी स्पेशल फ़्लड एडवाइजरी (High Priority Flood Advisory) जारी कर दी है। एहतियात के तौर पर भारत के निचले इलाकों से अब तक 10,000 से 15,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है।

भूटान में भारी तबाही, बहे पुल और हाइड्रो प्रोजेक्ट

  • गर्म पानी के कुंड नष्ट: मो छू (Mo Chhu) नदी के उद्गम पर स्थित इस झील के फटने से आए सैलाब ने गासा ज़िले के प्रसिद्ध प्राकृतिक गर्म पानी के कुंडों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया और उनके बुनियादी ढांचे को बहा दिया।
  • हाईवे और पुल उखड़े: भारी मात्रा में बहकर आए मलबे और पानी की वजह से भूटान में कम से कम दो बेली ब्रिज (Bailey Bridges) टूट गए हैं और पानी का मलबा मुख्य हाईवे तक पहुंच गया है। इसके अलावा गासा में $30 मिलियन की लागत से तैयार एक बड़ा सोलर-पावर सिंचाई प्रोजेक्ट भी तबाह हो गया है।
  • डैम के गेट खोले गए: बाढ़ का पानी पुनात्संगछू (PHPA-II) हाइड्रो प्रोजेक्ट के बांध तक पहुंच चुका है, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनज़र बांध के सभी स्लुइस गेट खोल दिए गए हैं।

भारत के इन ज़िलों में रातभर बजे सायरन, रेड अलर्ट जारी

झील फटने के बाद पानी मो छू नदी से होते हुए सीधे संकोश नदी (गदाधर नदी) में आ रहा है, जो भूटान से बहकर पश्चिम बंगाल के डुआर्स और असम के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती है। नदी का जलस्तर अचानक बहुत तेज़ी से बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने रातभर तटीय इलाकों में सायरन बजाकर और मुनादी करके लोगों को घर खाली करने की चेतावनी दी।

  • पश्चिम बंगाल (उत्तर बंगाल): अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग हिल्स और कूचबिहार ज़िलों में रेड अलर्ट जारी है। अकेले अलीपुरद्वार के संवेदनशील इलाकों से हज़ारों लोगों को तुरंत रिलीफ कैंपों में भेजा गया है।
  • असम: राज्य के चार सीमावर्ती ज़िलों—कोकराझार, बक्सा, चिरांग और धुबरी में बाढ़ और मिट्टी के कटाव (Erosion) को लेकर हाई अलर्ट है।

प्रशासन मुस्तैद, घबराने की ज़रूरत नहीं

पश्चिम बंगाल और असम दोनों ही राज्यों में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात कर दिया गया है। भारत का केंद्रीय जल आयोग (CWC) और स्थानीय प्रशासन भूटान के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।

अलीपुरद्वार के पुलिस विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि सभी एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, इसलिए जनता को किसी भी तरह से घबराने या पैनिक करने की ज़रूरत नहीं है।

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