मांडू में चतुर्भुज श्री राम मंदिर भगवान कृष्ण जन्माष्टमी पर उमड़ी भीड़
रात 12:00 जैसे ही घड़ी मैं जन्म का समय बताया तो पूरा मंदिर नंद घर आनंद भयो जय हो नंदलाल की जयकारा से गूंज उठा
राहुल सेन मांडव
मांडू न्यूज/मांडू के चतुर्भुज श्री राम मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया मंदिर के महामंडलेश्वर डॉक्टर नरसिंह दास जी महाराज ने आचार्य शुभम महाराज, पंडित महेंद्र महाराज , पंडित गोपाल महाराज, वह कई साधु संतों के मौजूदगी में भगवान श्री कृष्ण का विशेष औषधि अभिषेक किया रात 12:00 बजे जैसे ही घड़ी ने जन्म का समय बताया पूरे मंदिर परिषद में वैदिक मंत्र के साथ पुष्पांजलि और महा आरती की गई इस दौरान नंद घर आनंद भयो, यशोदा नंदन की जय, माखन चोर की जय जैसे जयघोष से पूरे मांडू श्री कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा वही रामायण मंडल के कलाकारों के द्वारा भजन प्रस्तुति दी गई साथी महिला मंडल की तरफ से भी भजनों की प्रस्तुति दी गई मांडू के चतुर्भुज से राम मंदिर में रंग-बिरंगे फूल और दीपक और तोरण द्वारा से सजावट की गई वही मांडू और आसपास के लोगों के द्वारा दिनभर पूजा अर्चना की गई मंदिर में भगवान श्री कृष्ण को पूजा अर्चना में भाग लिया

उपवास और झूला झुलाने की परंपरा
श्रद्धालु ने दिनभर उपवास रखा और भगवान श्री कृष्णा की पूजा की मंदिर में भगवान को झूला झूलने के लिए भक्तों में खास उत्साह देखा गया कई श्रद्धालुओं ने अपने घरों में भी ठाकुर जी और भगवान कृष्ण की तस्वीरों की पूजा अर्चना की श्री कृष्ण जन्माष्टमी शुक्रवार को पूरे जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई मंदिरों में विशेष सजावट की गई श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर ठाकुर जी को दूध पंचामृत गंगाजल और औषधि जल से अभिषेक किया तुलसी पत्ता और फूल चढ़कर पूजा की गई लड्डू गोपाल को दिन भर झूले में झुलाया गया वही मांडू नगर में अपने छोटे बच्चों को भगवान कृष्ण और राधा के रूप में सजाया बच्चों को माखन बांसुरी आदि देकर बाल गोपाल का रूप दिया गया मंदिरों में प्रसाद के रूप में माखन मिश्री, पेड़ा और लड्डू वितरित किए गए
कृष्ण का जीवन धर्म और सत्य की प्रेरणा
मंदिर के महामंडलेश्वर पीठाधीश्वर दो नरसिंह दास जी महाराज ने जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री कृष्ण का जीवन हमें सत्य और धर्म के मार्ग पर चने की प्रेरणा देता है उन्होंने कहा कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाई आए धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए श्री कृष्ण का व्यक्तित्व संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है उनका योगी स्वरूप हमें मानसिक संतुलन बनाए रखने का पाठ पढ़ाता है