धार में बड़ा सियासी टकराव: अपनी ही सरकार की अफसरशाही से त्रस्त भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर करेंगे केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर के बंगले के बाहर भूख हड़ताल
धार (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के धार जिले में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर एक बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। जिले के धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर ने अपनी ही सरकार के प्रशासनिक रवैये और स्थानीय नगरीय प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। क्षेत्र में लंबे समय से ठप पड़े विकास कार्यों, खराब नागरिक सुविधाओं और धामनोद नगर परिषद में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार से परेशान होकर विधायक ने आगामी 9 अक्टूबर से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर के आवास (बंगले) के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने का एलान कर दिया है। अपनी ही पार्टी की केंद्रीय मंत्री और सांसद के घर के बाहर धरने की इस घोषणा ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
धामनोद नगर परिषद की सीएमओ से जुड़ा है मुख्य विवाद
विधायक कालू सिंह ठाकुर का आरोप है कि धामनोद नगर परिषद की मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) माया मंडलोई की कार्यप्रणाली और उनके कथित भ्रष्टाचार के कारण पूरा नगर और वहां की जनता बेहद परेशान है। विधायक ने बताया कि उन्होंने सड़कों की बदहाली और प्रशासनिक ढिलाई को लेकर पूर्व एवं वर्तमान कलेक्टर, पुलिस अधिकारियों, एसडीएम और तहसीलदार को कई बार लिखित में शिकायतें दी हैं। सीएमओ के खिलाफ पहले भी एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला। विधायक का दावा है कि कुछ बड़े नेताओं के संरक्षण के चलते अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती, जिससे क्षेत्र का विकास पूरी तरह बाधित हो चुका है। वे अब सड़क पर आम जनता को परेशान किए बिना सीधे केंद्रीय मंत्री के द्वार पर अपनी मांग रखेंगे ताकि इस मुद्दे को अंतिम स्तर तक ले जाया जा सके।
केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने दी सफाई, कहा- यह स्थानीय मामला है
इस बड़े पॉलिटिकल ड्रामे और टकराव पर धार-महू क्षेत्र की सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने भी अपना रुख स्पष्ट किया है। केंद्रीय मंत्री का कहना है कि यह पूरा मामला पूरी तरह से स्थानीय नगर परिषद और प्रशासनिक स्तर का है, जिससे उनका कोई सीधा लेना-देना नहीं है। उन्होंने पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी या मनमुटाव से साफ इनकार करते हुए कहा कि उनके और क्षेत्रीय विधायक के बीच कोई आपसी विवाद नहीं है। सावित्री ठाकुर ने यह भी जोड़ा कि यदि विधायक महोदय अपनी मांगों या जनता की समस्याओं को लेकर उनके बंगले पर आते हैं तो उनका स्वागत है, वे साथ बैठकर चाय पिएंगे और मिलकर समस्या को समझेंगे।
विपक्ष को मिला बैठे-बिठाए बड़ा सियासी मुद्दा
सत्तारूढ़ दल के विधायक द्वारा अपनी ही सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोले जाने के बाद पूरे धार जिले का राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है। इस आंतरिक कलह को लेकर विपक्षी दलों ने भी सरकार पर तंज कसना शुरू कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि जब सत्ताधारी दल के खुद के विधायक ही अपनी सरकार की अफसरशाही और प्रशासनिक भ्रष्टाचार से त्रस्त हैं और उन्हें न्याय के लिए अपनी ही पार्टी की केंद्रीय मंत्री के घर के बाहर भूख हड़ताल करनी पड़ रही है, तो प्रदेश की आम जनता का क्या हाल होगा। फिलहाल 9 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस बड़े आंदोलन को टालने और विधायक को मनाने के लिए संगठन के बड़े नेता और आलाकमान डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। अब देखना होगा कि संगठन की इस कवायद के बाद विधायक अपना फैसला बदलते हैं या 9 अक्टूबर को यह सियासी ड्रामा एक नया मोड़ लेता है।
