दिग्विजय सिंह की यात्रा में बच्चों से नारे लगवाने पर NHRC सख्त, MP के मुख्य सचिव और DGP को नोटिस जारी
भोपाल:
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ विवादों में घिर गई है। यात्रा के दौरान स्कूली बच्चों को शामिल करने और उनसे कथित तौर पर राजनीतिक नारे लगवाने की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव (Chief Secretary) और पुलिस महानिदेशक (DGP) को आधिकारिक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
आयोग की ओर से राज्य के दोनों शीर्ष अधिकारियों को इस पूरे घटनाक्रम की सघन जांच कराने और दो हफ्ते (15 दिन) के भीतर अपनी विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) सौंपने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद हुआ एक्शन
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दिग्विजय सिंह की पदयात्रा से जुड़े कुछ वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं। वायरल वीडियो में स्कूली बच्चे यात्रा के दौरान राजनीतिक नारेबाजी करते, झंडे थामे और विवादित पोस्टर लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं। इंटरनेट पर यह वीडियो सामने आने के बाद बाल संरक्षण से जुड़ी शिकायतों के आधार पर मानवाधिकार आयोग ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत इस पर त्वरित संज्ञान लिया।
पैसे देकर भीड़ बढ़ाने का आरोप, इन बिंदुओं पर होगी जांच
मानवाधिकार आयोग ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया बाल अधिकारों और बाल संरक्षण कानूनों का गंभीर उल्लंघन माना है। आयोग के निर्देशों के अनुसार, मध्य प्रदेश प्रशासन मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित होकर जांच करेगा:
- भीड़ बढ़ाने के लिए कथित लालच: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पदयात्रा में सिर्फ भीड़ बढ़ाने के उद्देश्य से स्कूली बच्चों को पैसों या किसी अन्य चीज का कथित तौर पर लालच देकर शामिल किया गया था।
- राजनीतिक इस्तेमाल: बच्चों के हाथों में बैनर-पोस्टर थमाकर उनसे राजनीतिक नारे क्यों लगवाए गए और इस लापरवाही के लिए कौन-कौन से आयोजक जिम्मेदार हैं।
- पहचान उजागर करने पर जांच: इसके साथ ही आयोग ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को भी पत्र लिखकर सोशल मीडिया पर बच्चों की पहचान उजागर करने वाले इन वीडियो के प्रसार और नियमों की जांच करने को कहा है।
उज्जैन से अयोध्या तक की है पदयात्रा
गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह की यह ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ विजयादशमी के दिन उज्जैन से शुरू हुई थी, जो मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर तक पहुंचेगी। दिग्विजय सिंह और उनके समर्थकों का दावा है कि यह पूरी तरह से एक धार्मिक पदयात्रा है। हालांकि, यात्रा की शुरुआत में ही बच्चों की भागीदारी और नारों से जुड़े इस विवाद ने अब प्रशासनिक और कानूनी मोड़ ले लिया है, जिससे प्रदेश की सियासत में भी हड़कंप मच गया है।


