Home देश E20 Fuel Warning: सरकारी सलाहकार की चेतावनी– E20 ईंधन से गाड़ियों को...

E20 Fuel Warning: सरकारी सलाहकार की चेतावनी– E20 ईंधन से गाड़ियों को नुकसान, E10 पेट्रोल फिर से शुरू करने की मांग

0

E20 Fuel Warning: सरकारी सलाहकार की चेतावनी– E20 ईंधन से गाड़ियों को नुकसान, E10 पेट्रोल फिर से शुरू करने की मांग
खाद्य सुरक्षा पर भी मंडराया संकट: एथेनॉल ब्लेंडिंग 30% हुई तो देश में हो सकती है अनाज की किल्लत
नई दिल्ली:


देश में पेट्रोल के साथ एथेनॉल ब्लेंडिंग (E20 Fuel) को बढ़ावा देने की नीति पर सरकार के अपने ही सलाहकारों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। सलाहकारों की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 20% एथेनॉल मिले E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों के इंजन और उनके फ्यूल कंपोनेंट्स को भारी नुकसान पहुंच रहा है। स्थिति को देखते हुए सरकार से सिफारिश की गई है कि बाजार में E10 पेट्रोल (10% एथेनॉल मिश्रित ईंधन) को दोबारा चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए।
इसके साथ ही सलाहकारों ने चेतावनी दी है कि यदि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाकर 30% (E30) की गई, तो देश को गंभीर खाद्य संकट (Food Crisis) का सामना करना पड़ सकता है।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
गाड़ियों के इंजन पर बुरा असर:
E20 ईंधन में एथेनॉल की उच्च मात्रा के कारण पुरानी और गैर-E20 अनुकूलित गाड़ियों के रबर, प्लास्टिक पार्ट्स और धातु के कलपुर्जों में क्षरण (corrosion) देखा जा रहा है। इससे वाहनों की माइलेज और इंजन लाइफ दोनों प्रभावित हो रही है।
E10 पेट्रोल फिर से शुरू करने की मांग:
वाहनों की सुरक्षा और उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को ध्यान में रखते हुए सिफारिश की गई है कि पंपों पर E10 पेट्रोल का विकल्प भी फिर से मिलना चाहिए, ताकि पुरानी गाड़ियों को नुकसान से बचाया जा सके।
30% एथेनॉल ब्लेंडिंग पर खाद्य संकट का खतरा:
एथेनॉल का बड़ा हिस्सा मक्का, गन्ना और अन्य खाद्यान्न फसलों से तैयार होता है। यदि एथेनॉल का सम्मिश्रण 30% तक बढ़ाया जाता है, तो कृषि भूमि का एक बड़ा हिस्सा ईंधन फसलों के लिए इस्तेमाल होगा। इससे खाद्यान्न उत्पादन घटेगा और देश में अनाज की किल्लत हो सकती है।
उपभोक्ताओं और ऑटो उद्योग के लिए चिंता
वर्तमान में देश की अधिकांश पुरानी गाड़ियां केवल E10 ईंधन तक ही सहज रूप से काम करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। बाजार में अचानक E20 पेट्रोल अनिवार्य होने से वाहन मालिकों को स्पेयर पार्ट्स बदलने और मेंटेनेंस पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा देना जरूरी है, लेकिन यह खाद्य सुरक्षा और मौजूदा वाहनों की सुरक्षा की कीमत पर नहीं होना चाहिए। सरकार को इस दिशा में संतुलित और व्यावहारिक नीति अपनाने की आवश्यकता है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version