गाजियाबाद:
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के खोड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली वंदना विहार कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस और कानून से बचने के लिए आरोपी पत्नी ने मकान मालिक पर हत्या का झूठा आरोप मढ़ दिया और मौके पर जमकर रोने का नाटक किया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और गहन पूछताछ के सामने महिला का यह ड्रामा ज्यादा देर नहीं टिक सका और महज 12 घंटे के भीतर पुलिस ने हत्या की इस गुत्थी को सुलझाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
व्हाट्सएप चैट से खुला था प्रेम प्रसंग का राज
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अंशुल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी का रहने वाला था। करीब 10 वर्ष पहले उसने निशा नाम की युवती से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों भागकर गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में आ गए और यहाँ एक किराए के मकान में रहकर सिलाई फैक्ट्री में टेलर का काम करने लगे। कुछ समय बाद अंशुल ने अपनी दीदी और जीजा पप्पू उर्फ गंगा भगत को भी लखीमपुर से इसी फैक्ट्री में काम करने के लिए बुला लिया और अपने ही पास एक कमरा किराए पर दिलवा दिया।
अंशुल जब भी फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट की ड्यूटी पर जाता था, तब पप्पू का उसके घर आना-जाना होने लगा। इसी दौरान निशा और पप्पू के बीच अवैध प्रेम संबंध बन गए जो पिछले करीब दो वर्षों से चल रहे थे। कुछ दिनों पहले ही अंशुल ने अपनी पत्नी के मोबाइल पर पप्पू के साथ कुछ बेहद आपत्तिजनक और अश्लील व्हाट्सएप चैट्स देख लिए थे। लोक-लाज और पारिवारिक शर्मिंदगी के डर से अंशुल ने अपने जीजा पप्पू से तो कुछ नहीं कहा, लेकिन उसने अपनी पत्नी निशा को कड़ी फटकार लगाई और पप्पू से दूरी बनाने की चेतावनी दी।
रास्ते से हटाने के लिए रची मर्डर की साजिश
पति द्वारा डांटे जाने और प्रेम संबंधों में आ रही रुकावट से नाराज होकर निशा ने यह बात अपने प्रेमी पप्पू को बताई। दोनों को डर था कि अंशुल समाज और परिवार में उनकी बदनामी करा देगा। इसके बाद दोनों ने मिलकर अंशुल को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची। योजना के मुताबिक पप्पू ने एक नया अवैध तमंचा खरीदा। 10 अक्टूबर को जब अंशुल अपने किराए के कमरे पर अकेला था, तब पप्पू वहां पहुंचा और उसने अंशुल पर ताबड़तोड़ गोली चलाकर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।
मकान मालिक पर लगाया आरोप, पुलिस कमिश्नर को हुआ शक
हत्या की वारदात के तुरंत बाद सोची-समझी प्लानिंग के तहत पत्नी निशा ने जोर-जोर से रोना और चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। उसने आसपास के लोगों और पुलिस को गुमराह करने के लिए मकान मालिक पर हत्या का सीधा आरोप लगा दिया, ताकि पुलिस की जांच पूरी तरह भटक जाए। महिला ने पुलिस के सामने इतने शातिर तरीके से रोने का अभिनय किया कि एक बार को हर कोई उस पर विश्वास कर बैठा।
हालांकि, गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और कमिश्नरेट पुलिस को महिला के बयानों और उसके जरूरत से ज्यादा रोने के हाव-भाव (बॉडी लैंग्वेज) पर गहरा संदेह हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए केस तुरंत एसओजी (SOG) टीम को सौंप दिया गया।
12 घंटे में दोनों आरोपी गिरफ्तार, तमंचा बरामद
एसओजी और खोड़ा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जब महिला को हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक और सख्त तरीके से पूछताछ शुरू की, तो वह टूट गई। उसने रोते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने महिला की निशानदेही पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके प्रेमी पप्पू उर्फ गंगा भगत को भी दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किया गया अवैध कट्टा (तमंचा) और जिंदा कारतूस भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
