इंदौर। मध्य प्रदेश में मिलावटखोरों और अवैध भंडारण करने वाले व्यापारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद प्रशासनिक टीमें पूरी तरह से एक्शन मोड में हैं। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन (Food Safety Administration) की टीम ने शहर के बड़े व्यापारिक इलाकों में औचक छापामार कार्रवाई की है। टीम ने मल्हारगंज और सियागंज स्थित गोदामों व दुकानों पर दबिश देकर करीब 21 लाख रुपये मूल्य का 10,500 लीटर संदिग्ध खाद्य तेल जब्त किया है।
बिना खाद्य लाइसेंस के धड़ल्ले से चल रहा था गोदाम
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी के नेतृत्व में मुख्य कार्रवाई मल्हारगंज स्थित ‘श्री श्याम एंड श्याम ऑयल्स प्राइवेट लिमिटेड’ के गोदाम पर की गई। विभाग को लगातार इस क्षेत्र में अवैध स्टॉक और गुणवत्ता संबंधी शिकायतें मिल रही थीं। टीम जब निरीक्षण के लिए पहुंची, तो गोदाम संचालक आवश्यक और वैध खाद्य लाइसेंस (Food License) पेश करने में पूरी तरह असमर्थ रहा। वैध दस्तावेज न होने के कारण अधिकारियों ने तुरंत सख्त रुख अपनाते हुए पूरे स्टॉक को जब्त कर लिया।
‘सोना सिक्का’ समेत नामचीन ब्रांड्स के लिए गए सैंपल
निरीक्षण के दौरान टीम को गोदाम में बड़े स्तर पर ‘सोना सिक्का’ ब्रांड का मूंगफली तेल (Groundnut Oil) और भारी मात्रा में कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल (सरसों का तेल) अलग-अलग पैकिंग साइज में मिला। तेल की शुद्धता पर संदेह होने के कारण खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने वहां से 9 नमूने (Samples) एकत्रित किए。
इसके तुरंत बाद टीम ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए सियागंज मुख्य मार्ग स्थित ‘शंकर महादेव ट्रेडर्स’ पर भी औचक छापा मारा। यहाँ से भी टीम ने ‘प्रीमियम रिफाइंड ग्राउंडनट ऑयल’ और ‘गुलाब कोल्ड प्रेस्ड ग्राउंडनट ऑयल’ के 2 अन्य सैंपल जब्त किए। दोनों प्रतिष्ठानों को मिलाकर खाद्य विभाग ने कुल 11 सैंपल सील किए हैं।
भोपाल लैब भेजी जा रही रिपोर्ट, गड़बड़ी मिलने पर होगी FIR
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए सभी 11 नमूनों को तुरंत परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जब तक प्रयोगशाला की आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक इस पूरे स्टॉक की बिक्री और बाजार वितरण पर पूरी तरह से रोक रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि लैब रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है या मानक स्तर (FSSAI Rules) से कम पाए जाते हैं, तो संबंधित फर्मों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
