सनसनीखेज: इंदौर में दुष्कर्म पीड़िता को जहर देकर मारने की कोशिश, GRP के सिपाही पर केस दर्ज; आरोपी फरार
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से खाकी को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ शासकीय रेलवे पुलिस (GRP) के एक सिपाही पर दुष्कर्म पीड़िता को जान से मारने की नीयत से जहर देने का संगीन आरोप लगा है। पीड़िता का आरोप है कि सिपाही ने समझौते के बहाने उसे एसपी ऑफिस परिसर में बुलाया और पानी में सल्फास मिलाकर पिला दिया। इंदौर की छोटी ग्वालटोली पुलिस ने आरोपी आरक्षक के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
GRP एसपी ऑफिस परिसर में वारदात
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान रितेश शर्मा के रूप में हुई है, जो वर्तमान में इंदौर GRP में आरक्षक (सिपाही) के पद पर तैनात है और भूरी टेकरी स्थित GRP क्वार्टर में रहता है। पीड़ित महिला (उम्र 28 वर्ष) गुना जिले की रहने वाली है। पीड़िता ने पूर्व में आरोपी रितेश शर्मा के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में आरोपी को कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी थी।
सरेराह बदसलूकी और समझौते का दबाव
पीड़िता ने अपने बयानों में बताया कि जमानत मिलने के बाद से ही आरोपी रितेश उस पर लगातार वॉट्सऐप कॉल और मैसेज के जरिए राजीनामा करने का दबाव बना रहा था। पीड़िता का आरोप है कि बीते दिनों जब वह सरवटे बस स्टैंड के पास मौजूद थी, तब आरोपी ने उसके साथ सरेराह बदसलूकी की, उसके कपड़े खींचे और पुलिस का रौब दिखाते हुए धमकी दी।
पानी में मिलाया ‘सल्फास’, 15 दिन अस्पताल में जिंदगी से जंग
मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब आरोपी ने समझौते की बातचीत के बहाने पीड़िता को सीधे GRP एसपी कार्यालय परिसर में बुला लिया। वहाँ एक टेबल पर बैठकर बातचीत के दौरान आरोपी ने पीड़िता को पानी पीने के लिए दिया। आरोप है कि रितेश ने उस पानी में पहले से ही सल्फास (जहरीला पदार्थ) मिला रखा था।
पानी पीते ही पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी और वह एसपी ऑफिस परिसर में ही बेहोश होकर गिर गई। परिसर में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों और लोगों ने आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया। महिला की हालत इतनी नाजुक थी कि वह करीब 15 दिनों तक अस्पताल के आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही।
पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपी सिपाही फरार
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पीड़िता ने छोटी ग्वालटोली थाना पुलिस और डॉक्टरों के सामने अपने विस्तृत बयान दर्ज कराए। पीड़िता के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी सिपाही रितेश शर्मा के खिलाफ जान से मारने की नीयत से जहर देने (BNS की संबंधित धाराओं) और डराने-धमकाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से ही आरोपी पुलिसकर्मी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
