Home मध्य प्रदेश Indore Jio-bp Petrol Diesel Price: इंदौर में जियो-बीपी पेट्रोल ₹5 और डीजल...

Indore Jio-bp Petrol Diesel Price: इंदौर में जियो-बीपी पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा, बिना सूचना बढ़े दाम

0

इंदौर में तेल का बड़ा झटका: जियो-बीपी पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कीमतों में भारी उछाल

इंदौर में निजी ईंधन खुदरा विक्रेता जियो-बीपी (Jio-bp) के आउटलेट्स पर ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे पेट्रोल 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज समर्थित इस कंपनी द्वारा कीमतों में की गई इस वृद्धि की खास बात यह है कि इसकी कोई भी आधिकारिक या सार्वजनिक जानकारी पहले से जारी नहीं की गई थी। इसके कारण पेट्रोल पंप पहुंचने पर ही आम जनता और वाहन चालकों को इस बड़े झटके का पता चल रहा है। शहर के सभी जियो-बीपी मोबिलिटी स्टेशनों पर यह नई दरें 11 अक्टूबर 2026 की सुबह 6 बजे से प्रभावी रूप से लागू कर दी गई हैं।

एसोसिएशन ने की पुष्टि, बिना सूचना बढ़े दामों से उपभोक्ता परेशान

इंदौर पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्रसिंह वासु ने इस मूल्य वृद्धि की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस अचानक की गई बढ़ोतरी के बाद अब जियो-बीपी के आउटलेट्स से तेल भरवाने वाले नियमित ग्राहकों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। गणना के अनुसार, यदि कोई दोपहिया या चार पहिया वाहन चालक अपने वाहन में 10 लीटर पेट्रोल भरवाता है, तो उसे पहले के मुकाबले 50 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं। वहीं, 10 लीटर डीजल भरवाने पर उपभोक्ताओं को 30 रुपये अधिक देने पड़ रहे हैं।

चूंकि कंपनी की ओर से बढ़ोतरी को लेकर पहले से कोई अधिकृत सूचना या पारदर्शी घोषणा सार्वजनिक पटल पर साझा नहीं की गई थी, इसलिए ईंधन भरवाने पहुंच रहे लोगों और पंप कर्मचारियों के बीच कई स्थानों पर असमंजस और तीखी बहस की स्थिति भी देखने को मिल रही है।

आखिर क्यों निजी कंपनियों को बढ़ाने पड़े दाम?

बाजार विशेषज्ञों और रिपोर्टों के मुताबिक, निजी तेल कंपनियों द्वारा अचानक कीमतें बढ़ाने का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतें हैं। पश्चिम एशिया (मध्य-पूर्व) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और यूएस-ईरान संघर्ष के चलते स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होने वाली तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है।

इस संकट के चलते वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है। कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों की इस बढ़ी हुई लागत ने निजी पेट्रोलियम कंपनियों के रिटेल मार्जिन पर भारी दबाव डाल दिया है। इसी दबाव के कारण पिछले 10 दिनों के भीतर नायरा एनर्जी के बाद जियो-बीपी देश की दूसरी ऐसी बड़ी निजी पेट्रोलियम कंपनी बन गई है जिसने ईंधन की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की है।

सरकारी तेल कंपनियों की दरें स्थिर, निजी पंपों पर बढ़ा अंतर

एक तरफ जहां जियो-बीपी और नायरा जैसी निजी कंपनियों ने अपने घाटे को कम करने के लिए कीमतों में 3 से 5 रुपये तक का इजाफा कर दिया है, वहीं सार्वजनिक क्षेत्र की सरकारी तेल कंपनियों (जैसे IOCL, BPCL और HPCL) ने फिलहाल अपनी नियमित ईंधन दरों को स्थिर रखा है। सरकारी कंपनियों द्वारा रेट न बढ़ाए जाने के कारण अब सार्वजनिक क्षेत्र के पंपों और निजी खुदरा विक्रेताओं के रेट के बीच एक बड़ा अंतर (प्राइस गैप) पैदा हो गया है, जिससे निजी पंपों पर आने वाले नियमित उपभोक्ता अब असमंजस में हैं।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version