Home मध्य प्रदेश Indore News: इंदौर में पानी की बर्बादी पड़ेगी भारी, लगेगा 10 हजार...

Indore News: इंदौर में पानी की बर्बादी पड़ेगी भारी, लगेगा 10 हजार का जुर्माना; अवैध कनेक्शन पर IMC का बड़ा फैसला

0

इंदौर।
स्वच्छता में सात बार नंबर वन रहने वाले शहर इंदौर ने अब जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में आयोजित मेयर-इन-काउंसिल (MIC) की बैठक में शहर के विकास से जुड़े 56 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इस बैठक का सबसे प्रमुख केंद्र बिंदु शहर की नई जल नीति रही, जिसे परिषद ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है।

इस नई नीति के लागू होने से जहां पानी की बर्बादी करने वालों की जेब ढीली होगी, वहीं अवैध रूप से पानी का इस्तेमाल कर रहे लोगों को भी कानूनी दायरे में लाने की तैयारी कर ली गई है।

पाइप से गाड़ी या फर्श धोया, तो लगेगा भारी जुर्माना

हाल ही में शहर में औसत से कम बारिश होने और भूजल स्तर गिरने के कारण प्रशासन द्वारा इंदौर को पहले ही जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। इसी संकट को देखते हुए नई नीति में पानी की बर्बादी पर सख्त प्रावधान किए गए हैं:

  • ₹10,000 तक का जुर्माना: यदि कोई नागरिक पाइप लगाकर गाड़ियां धोता है, आंगन या फर्श साफ करता है, अथवा किसी भी तरह से पीने के पानी को खुलेआम बर्बाद करता पाया जाता है, तो उस पर ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • मोटर पंपों की जब्ती: नल कनेक्शन की मुख्य लाइन में सीधे मोटर पंप लगाकर पानी खींचने वालों पर भी निगम की टीम सख्त कार्रवाई करेगी और अवैध रूप से लगाई गई मोटरों को तुरंत जब्त किया जाएगा।
  • टंकी ओवरफ्लो होने पर कार्रवाई: घरों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पानी की टंकियां ओवरफ्लो होने पर भी चालानी कार्रवाई की जाएगी।

अवैध कनेक्शनधारकों को 21 दिन की मोहलत

इंदौर नगर निगम इस समय वित्तीय घाटे से उबरने और जलकर (Water Tax) के राजस्व को बढ़ाने की कोशिशों में जुटा है। इसी सिलसिले में शहर भर में चल रहे हजारों अवैध नल कनेक्शनों को वैध करने के लिए 21 दिन की समय-सीमा (मोहलत) तय की गई है।

  • इन 21 दिनों के भीतर नागरिकों को खुद आगे आकर अपने अवैध कनेक्शन की जानकारी निगम को देनी होगी और निर्धारित शुल्क जमा कर उसे वैध कराना होगा।
  • यदि दी गई समय-सीमा के भीतर कनेक्शन वैध नहीं कराया गया, तो 21 दिन पूरे होने के बाद निगम द्वारा ऐसे नलों को तुरंत काट दिया जाएगा और संबंधित मकान मालिक के खिलाफ भारी पेनल्टी के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

जल संकट से निपटने के लिए अन्य महत्वपूर्ण फैसले

बैठक में केवल जुर्माने और पाबंदियों पर ही नहीं, बल्कि आगामी दिनों में पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए भी कई जरूरी फैसले लिए गए:

  1. 200 नए बोरिंग की तैयारी: गर्मियों और आने वाले महीनों में पानी की किल्लत न हो, इसके लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 200 नए बोरिंग करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
  2. 100 नलकूपों पर motor पंप: पहले से मौजूद 100 सरकारी नलकूपों की क्षमता बढ़ाने के लिए उन पर नए और शक्तिशाली मोटर पंप स्थापित किए जाएंगे।
  3. लीकेज पर सख्त रुख: निगम कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पानी की मुख्य लाइनों में होने वाले लीकेज को तुरंत ठीक किया जाए ताकि ट्रीटेड पानी की बर्बादी को पूरी तरह रोका जा सके।

महापौर की अपील:
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर के नागरिकों से अपील की है कि वे पानी की हर एक बूंद की कीमत समझें और निगम की इस मुहिम में सहयोग करें। यह कार्रवाई किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि पूरे शहर के भविष्य को जल संकट से बचाने के लिए की जा रही है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version