CJP प्रदर्शन में शामिल होने पर घिरे अभिनेता इमरान खान, बॉम्बे हाई कोर्ट की फटकार के बाद मांगी बिना शर्त माफी
मुंबई:
बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान की मुश्किलें इन दिनों काफी बढ़ गई हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा मुंबई के ऐतिहासिक अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद इमरान खान कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। विदेशी नागरिक (अमेरिकी नागरिकता) और ओसीआई कार्ड धारक होने के बावजूद राजनीतिक प्रदर्शन में हिस्सा लेने के कारण फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने उन्हें ‘लीव इंडिया नोटिस’ जारी कर भारत छोड़ने का आदेश दिया था।
इस नोटिस के खिलाफ इमरान खान ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां हुई सुनवाई में अदालत ने उनके इस कदम पर बेहद सख्त रुख अपनाया।
कोर्ट में क्या हुआ? ‘प्रदर्शन करना है तो अमेरिका जाओ’
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने अभिनेता को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि:
- विरोध का अधिकार सिर्फ भारतीयों को: भारत में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का मौलिक अधिकार केवल भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षित है। ओसीआई कार्ड धारक भारतीय नागरिकों के समान अधिकारों का दावा नहीं कर सकते।
- विदेशी धरती पर ऐसा बर्दाश्त नहीं होता: कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, “अगर कोई भारतीय नागरिक किसी दूसरे देश में जाकर वहां की व्यवस्था या सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करता, तो उसे अगली ही फ्लाइट से वापस डिपोर्ट कर दिया जाता। यह भारत की उदारता है कि आपको सीधे डिपोर्ट करने के बजाय पहले नोटिस दिया गया।”
- चुनाव संशोधन प्रक्रिया से आपका क्या लेना-देना?: अदालत ने सवाल उठाया कि चुनाव सुधारों से जुड़े इस प्रदर्शन से एक ओसीआई कार्ड धारक का क्या सरोकार था?
इमरान खान ने दी अंडरटेकिंग, मांगी बिना शर्त माफी
कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए इमरान खान के वरिष्ठ वकील वेंकटेश धोंड ने तुरंत अदालत के सामने एक हलफनामा (Undertaking) और बिना शर्त माफीनामा पेश किया।
- अभिनेता ने अदालत को लिखित भरोसा दिया है कि वे भविष्य में भारत में किसी भी प्रकार के राजनीतिक विरोध प्रदर्शन या आंदोलन का हिस्सा नहीं बनेंगे और न ही किसी अन्य को इसके लिए उकसाएंगे।
- वकील ने दलील दी कि इमरान खान वहां किसी राजनीतिक जुड़ाव के कारण नहीं, बल्कि महज उत्सुकतावश चले गए थे और बैरिकेड्स के पास रुककर मीडिया को बयान दिया था।
देश छोड़ने के नोटिस पर अंतरिम राहत
इमरान खान द्वारा बिना शर्त माफी मांगे जाने और यह हलफनामा देने के बाद कि वे दोबारा ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे, बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें फिलहाल बड़ी राहत दी है। अदालत ने उनके खिलाफ जारी ‘लीव इंडिया नोटिस’ के अमल पर रोक को बढ़ा दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर के लिए तय की है, तब तक इमरान खान भारत में रह सकेंगे।
