इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मंगलवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जमकर बवाल हो गया। शहर के RE-2 (रिंग रोड-2) मार्ग के निर्माण में बाधक बन रहे अवैध मकानों को जमींदोज करने पहुंची नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम पर स्थानीय लोगों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया।
पथराव के कारण मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और हंगामा कर रहे लोगों को प्लास्टिक के पाइप व डंडे मार-मारकर खदेड़ा। इस हिंसक झड़प में दो लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया है, जबकि पुलिस ने हंगामा करने वाले दो लोगों को हिरासत में लिया है।
300 कच्चे मकान सड़क के रास्ते में बाधक
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, RE-2 (बंगाली स्क्वायर से पीपल्याहाना के बीच) सड़क निर्माण के इस खास हिस्से में बिचौली काकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर समेत तीन बस्तियों के करीब 250 से 300 कच्चे मकान और अन्य निर्माण बाधक बने हुए हैं।
मंगलवार सुबह जब निगम का अमला जेसीबी, पोकलेन मशीनों और भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई करने पहुंचा, तो कुछ परिवारों ने इसका पुरजोर विरोध किया। देखते ही देखते विरोध ने उग्र रूप ले लिया और भीड़ ने रिमूवल टीम व पुलिस जवानों पर पथराव कर दिया।
तीन साल से अटका हुआ है काम
उल्लेखनीय है कि बंगाली चौराहे से पीपल्याहाना के बीच RE-2 रोड का करीब एक किलोमीटर का हिस्सा पिछले तीन वर्षों से इन बाधाओं के कारण अधूरा पड़ा है। इस महत्वपूर्ण सड़क कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट पर अब तक करीब 55 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। मास्टर प्लान की इस सड़क के बन जाने से बाईपास और रिंग रोड पर यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा।
इन क्षेत्रों को मिलेगी बड़ी राहत
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि हंगामा शांत होने के बाद बाधक निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया जारी रखी गई। यह रास्ता साफ होते ही सड़क निर्माण का बचा हुआ काम तेजी से पूरा किया जाएगा। यह कॉरिडोर तैयार होने से भूरी टेकरी, पीपल्याहाना, बंगाली चौराहा और नायता मुंडला आरटीओ क्षेत्र के लाखों नागरिकों को आवागमन के लिए एक बेहतरीन वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा।
