नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की सड़कों पर आज उस वक्त अभूतपूर्व राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जब विपक्ष (INDIA Bloc) के चुनाव आयोग मार्च को दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग पर रोक दिया। इस दौरान भारी हंगामा हुआ। राहुल गांधी पुलिस के बैरिकेड पर चढ़ गए, वहीं प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लेकर बस में बैठाया, लेकिन वे बस से कूदकर राहुल गांधी के साथ सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए आकाशवाणी भवन के अंदर घुस गईं और परिसर में एक बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गईं। पुलिस ने अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया है।
संसद से निर्वाचन सदन तक: कैसे शुरू हुआ बवाल?
आज सुबह चुनाव आयोग की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के तमाम सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग मुख्यालय) की ओर मार्च शुरू किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी इस मार्च की अगुवाई कर रहे थे।
जैसे ही मार्च ट्रांसपोर्ट भवन और नीति आयोग के पास पहुंचा, दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग करके विपक्षी नेताओं को रोक दिया। रास्ता रोके जाने से नाराज नेता वहीं सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।
बैरिकेड पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का ‘एक्शन’
माहौल तब पूरी तरह गरमा गया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अचानक पुलिस के ऊंचे बैरिकेड्स के ऊपर चढ़ गए। उनके साथ टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी भी बैरिकेड पर चढ़े और दोनों ने हाथ में तिरंगा लहराते हुए नीचे मौजूद पुलिस और प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
इसी बीच, दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए नेताओं को हिरासत में लेना शुरू किया। पुलिस ने प्रियंका गांधी वाद्रा को जबरन उठाकर एक सरकारी बस में बैठा दिया। लेकिन जैसे ही बस चलने लगी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी पुलिस को चकमा देकर बस से नीचे कूद गए।
सुरक्षा घेरा तोड़ आकाशवाणी भवन में एंट्री और पेड़ के नीचे धरना
हिरासत से निकलने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सीधे चुनाव आयोग दफ्तर की तरफ दौड़ लगा दी। जब पुलिस ने उन्हें रास्ते में दोबारा घेरने की कोशिश की, तो ये नेता संसद मार्ग पर स्थित आकाशवाणी भवन के गेट नंबर 4 का सुरक्षा घेरा तोड़कर परिसर के अंदर दाखिल हो गए।
आकाशवाणी भवन का परिसर चुनाव आयोग दफ्तर से महज 300 मीटर की दूरी पर है। परिसर के अंदर घुसकर राहुल और प्रियंका गांधी वहां मौजूद एक बड़े पेड़ के नीचे जमीन पर धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी के हाथ में एक तख्ती (Placard) थी, जिस पर लिखा था—“Gyanesh, it’s done bro. Time to resign” (ज्ञानेश, बहुत हुआ भाई, अब इस्तीफे का समय है)।
DCP फोर्स के साथ पहुंचे अंदर, कई दिग्गज नेता हिरासत में
आकाशवाणी भवन जैसी संवेदनशील सरकारी इमारत के अंदर देश के बड़े नेताओं के घुसने से हड़कंप मच गया। इसके तुरंत बाद नई दिल्ली के डीसीपी (DCP) सचिन शर्मा भारी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों के साथ आकाशवाणी परिसर के अंदर दाखिल हुए और काफी मशक्कत के बाद राहुल-प्रियंका को वहां से बाहर निकाला।
इस पूरे प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा, अभिषेक बनर्जी और सीपीआई (एमएल) के राजा राम सिंह समेत दर्जनों सांसदों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर अलग-अलग थानों में भेज दिया।
“यह संविधान बचाने की लड़ाई है” — राहुल गांधी
हिरासत में लिए जाने के दौरान राहुल गांधी ने मीडिया से कहा, “यह कोई सामान्य राजनीतिक लड़ाई नहीं है। यह देश के संविधान को बचाने और एक साफ सुथरी मतदाता सूची के जरिए ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के अधिकार को सुरक्षित करने की लड़ाई है। चुनाव आयोग निष्पक्ष काम नहीं कर रहा है।”
