इंदौर में सड़क पर गाड़ी पार्क करने के लगेंगे पैसे; नगर निगम शुरू करने जा रहा है नई ‘ऑन-रोड पार्किंग’ व्यवस्था
इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को अब ट्रैफिक के मामले में भी नंबर वन बनाने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। शहर के सबसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्रों और बाजारों में लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अब सड़क किनारे की पार्किंग को सशुल्क (Paid) किया जा रहा है।
इंदौर जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम प्रशासन द्वारा इस योजना को मंजूरी दिए जाने के बाद, अब धरातल पर इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। नगर निगम के अपर आयुक्तों की टीम ने शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों का दौरा कर व्यवस्था का खाका तैयार कर लिया है।
कैसे काम करेगी नई पार्किंग व्यवस्था?
इंदौर नगर निगम ने शुरुआती तौर पर शहर की 24 सबसे व्यस्त मुख्य सड़कों को चिन्हित किया है, जहाँ ऑन-रोड पार्किंग के लिए शुल्क वसूला जाएगा। इस योजना को व्यवस्थित रूप से लागू करने के लिए इसे चरणों में बांटा गया है:
- शुरुआती 5 सड़कों पर ट्रायल: पूरे शहर में एक साथ नियम थोपने के बजाय, पहले चरण में शहर की 5 सबसे प्रमुख सड़कों पर इसका ट्रायल शुरू किया जा रहा है। इन सड़कों पर शुरुआती कुछ दिन बिना शुल्क के वाहनों को कतारबद्ध खड़ा करवाया जाएगा।
- निजी ठेकेदारों को कमान: ट्रायल सफल होने के बाद इन सभी चिन्हित सड़कों पर पार्किंग शुल्क वसूलने और व्यवस्था संभालने का काम निजी एजेंसियों या ठेकेदारों को टेंडर के जरिए सौंपा जाएगा।
- दुकानदारों के लिए मासिक पास: बाजारों में सुबह से रात तक गाड़ियां खड़ी करने वाले स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के लिए विशेष मंथली पास की व्यवस्था की जा रही है, ताकि मुख्य सड़कें ग्राहकों और राहगीरों के लिए खाली मिल सकें।
- क्रेन से उठेंगी गाड़ियां: तय की गई ऑन-रोड पार्किंग लाइनों से बाहर या ‘नो पार्किंग’ जोन में वाहन खड़ा करने पर नगर निगम की क्रेन तुरंत गाड़ी जब्त करेगी और भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इस कड़े कदम का उद्देश्य राजस्व कमाना नहीं, बल्कि शहर के मुख्य बाजारों (जैसे राजवाड़ा, एमजी रोड, छावनी और करोल बाग क्षेत्र) में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाना है। अक्सर लोग सड़कों पर बेतरतीब ढंग से गाड़ियां छोड़ देते हैं, जिससे दो लेन की सड़क आधे लेन की रह जाती है और घंटों जाम लगा रहता है। इस नई नीति के लागू होने से लोग केवल जरूरत होने पर ही सड़क किनारे वाहन पार्क करेंगे, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
