Home मध्य प्रदेश ‘नंबर 1’ शहर में कचरे का संकट: इंदौर में सफाई मित्रों के...

‘नंबर 1’ शहर में कचरे का संकट: इंदौर में सफाई मित्रों के काम बंद आंदोलन से व्यवस्था चरमराई, निगम गेट पर चूड़ियां फेंक जताया रोष

0

इंदौर:
देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में लगातार पहचान बनाने वाले इंदौर की चमकती सड़कों पर अब कचरे का संकट मंडराने लगा है। अपनी 11 सूत्रीय बुनियादी मांगों को लेकर इंदौर नगर निगम के हजारों सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर मोर्चा खोल दिया है। इस सांकेतिक हड़ताल के कारण शहर के रिहायशी इलाकों से लेकर प्रमुख व्यापारिक बाजारों तक नियमित सफाई और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का काम गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।

निगम प्रशासन की वादाखिलाफ़ी के विरोध में सफाई मित्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में जुटी महिला कर्मचारियों ने तीखी नारेबाजी करते हुए निगम मुख्यालय के मुख्य गेट पर अपनी चूड़ियां फेंककर कड़ा विरोध दर्ज कराया। कर्मचारी संगठनों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अगले दो से चार दिनों के भीतर उनकी जायज मांगों का ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो वे इस आंदोलन को एक बड़े अनिश्चितकालीन धरने में तब्दील कर देंगे।

23 साल का पुराना संघर्ष और स्थायी नौकरी की मांग

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे चार प्रमुख बाल्मिक समाज संगठनों (महावाल्मीकि, वरिष्ठ जमींदारी, सकल छावनी और महामना लश्करी पंचायत) का कहना है कि वे बीते दो दशकों से अधिक समय से अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। कर्मचारियों ने इस बार आर-पार की लड़ाई का मन बनाया है। उनकी मुख्य मांगें कुछ इस प्रकार हैं:

  • आउटसोर्स और ठेका प्रथा का अंत: निगम में विभिन्न निजी कंपनियों और एनजीओ के माध्यम से ठेके पर काम कराने की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर कर्मचारियों को सीधे नियमित रोजगार दिया जाए।
  • अचानक हटाए गए कर्मियों की वापसी: हाल ही में नौकरी से निष्कासित किए गए 700 से अधिक सफाई मित्रों को तत्काल प्रभाव से काम पर बहाल किया जाए।
  • समान कार्य-समान वेतन: सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए मांग की गई है कि शैक्षणिक योग्यता की बाध्यता को शिथिल कर सभी को नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान का लाभ मिले।
  • अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार: चिकित्सीय या आकस्मिक कारणों से काम छोड़ने वाले कर्मियों के आश्रितों को तुरंत अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।

कॉलोनियों में रुका काम, बदबू से लोग परेशान

आंदोलन के जमीनी प्रभाव के चलते नेहरू नगर, पाटनीपुरा, एमआईजी और छावनी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कचरा वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई स्थानों पर सार्वजनिक रास्तों के किनारे कचरे के ढेर लग गए हैं, जिससे उठती बदबू ने स्थानीय रहवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि, स्थिति बिगड़ती देख नगर निगम कमिश्नर ने कर्मचारी प्रतिनिधियों से मुलाकात कर ज्ञापन लिया है और भरोसा दिलाया है कि निगम स्तर के मुद्दों का जल्द निपटारा कर राज्य सरकार से जुड़े प्रस्तावों पर तेजी से पैरवी की जाएगी।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version