नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दलों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस प्रदर्शन को पूरी तरह से एक ‘फ्लॉप शो’ करार दिया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इस आंदोलन के बहाने देश की राजधानी दिल्ली को बंधक बनाने की एक बड़ी साजिश रची गई थी।
भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत: संबित पात्रा
बीजेपी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि कुछ अराजक तत्व दिल्ली में आगजनी, हिंसा और अव्यवस्था फैलाना चाहते थे। पात्रा ने कहा, “आज दिल्ली में भीड़तंत्र के ऊपर लोकतंत्र की जीत हुई है। कुछ लोग मुट्ठी भर प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा करके पूरे देश का माहौल खराब करना चाहते थे, लेकिन जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है।” उन्होंने आगे कहा कि जंतर-मंतर पर दिखने वाली कुछ सौ लोगों की भीड़ पूरे भारत की असल तस्वीर नहीं है।
प्रमुख विपक्षी नेता हिरासत में, छावनी में बदली दिल्ली
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह से ही सख्त कदम उठाए। प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे CJP के प्रमुख नेताओं—अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
इसके अलावा, जंतर-मंतर पर विपक्ष के बड़े चेहरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई देखने को मिली। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी (जो अपने मुंह पर बैंड-एड लगाकर विरोध दर्ज करा रही थीं) और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से 600 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
क्यों हो रहा है यह प्रदर्शन?
गौरतलब है कि CJP और विपक्ष का यह प्रदर्शन निर्वाचन आयोग के खिलाफ है। विपक्षी दल मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया में कथित तौर पर भारी गड़बड़ी और धांधली का आरोप लगा रहे हैं। विपक्ष की मांग है कि इस कथित लापरवाही के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
इस आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली में धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी थी। सुरक्षा कारणों से कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों को बंद कर दिया गया और चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। इसी सख्त पहरेदारी के चलते प्रदर्शन स्थल पर भीड़ बेहद कम रही, जिसे बीजेपी ‘फ्लॉप शो’ बता रही है।
