नई दिल्ली:
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने एक बेहद सख्त कदम उठाते हुए इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई 11 छात्राओं द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद की गई है।
विश्वविद्यालय की कुलपति शांतिश्री डी. पंडित द्वारा 9 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) ने इन आरोपों को सही पाया था। समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रशासन ने उन्हें पद से हटाने का फैसला लिया।
क्या हैं आरोप?
डॉ. बिमोल अकोइजाम जेएनयू के ‘सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स’ (CSSS) में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे। विश्वविद्यालय की 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपों के मुताबिक, प्रोफेसर ने मौखिक परीक्षा (viva) के दौरान छात्राओं पर अनुचित और आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं, कक्षा के भीतर अमर्यादित व्यवहार किया था और कैंपस स्थित अपने सरकारी निवास पर बुलाकर गलत तरीके से आगे बढ़ने (Inappropriate Advances) का प्रयास किया था।
राजनीतिक माहौल गरमाया, इस्तीफे की मांग तेज
डॉ. बिमोल अकोइजाम ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में इनर मणिपुर सीट से भाजपा उम्मीदवार को एक लाख से अधिक मतों से हराकर जीत हासिल की थी। इस बड़ी कार्रवाई के बाद देश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भाजपा नेताओं और मणिपुर के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। विपक्षी नेताओं ने नैतिकता का हवाला देते हुए मांग की है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ें और दागी सांसद से तुरंत लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिलवाएं।
आरोपों पर सांसद की सफाई
दूसरी तरफ, कांग्रेस सांसद डॉ. बिमोल अकोइजाम ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताते हुए इसे अपने खिलाफ एक सोची-समझी ‘राजनीतिक साजिश’ (Witch Hunt) करार दिया है।
