जूनागढ़ तेंदुआ हमला: आंगन में खेल रही 6 साल की प्रिशा को उठा ले गया तेंदुआ, 2 घंटे बाद सोयाबीन के खेत में मिला शव; इलाके में भारी तनाव
जूनागढ़ (गुजरात)। गुजरात के जूनागढ़ जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मेंदरडा तालुका के देडकीयाल (Dedkiyali) गांव में एक आदमखोर तेंदुए ने घर के बाहर खेल रही 6 साल की मासूम बच्ची को अपना शिकार बना लिया। इस खौफनाक वारदात का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जिसे देखकर स्थानीय लोगों का कलेजा कांप उठा है। बच्ची की मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश है। वन विभाग की टीम ने इलाके में तेंदुए को पकड़ने के लिए 8 से 10 बड़े पिंजरे सक्रिय कर दिए हैं।
घात लगाकर किया हमला, सीसीटीवी में कैद हुआ खौफनाक मंजर
यह पूरी घटना बुधवार रात करीब 8:00 से 9:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। मृत बच्ची की पहचान 6 वर्षीय प्रिशा सोलंकी के रूप में हुई है। प्रिशा के माता-पिता देडकीयाल गांव में थोभणभाई कोराट के खेत पर बटाईदार (Sharecroppers) के रूप में काम करते हैं और वहीं खेत पर बने मकान में रहते हैं।
घटना के समय प्रिशा अपने घर के आंगन (Courtyard) में खेल रही थी। वायरल हो रहे सीसीटीवी वीडियो के अनुसार, तेंदुआ दबे पांव अंधेरे का फायदा उठाकर रिहाइशी हिस्से की तरफ बढ़ता है। जैसे ही प्रिशा घर के अंदर जाने के लिए मुड़ती है, तेंदुआ पीछे से उस पर अचानक झपट्टा मारता है। प्रिशा को संभलने या भागने का मौका तक नहीं मिला और तेंदुआ उसे अपने मुंह में दबोचकर पलक झपकते ही अंधेरे में ओझल हो गया।
दो घंटे की खोजबीन के बाद मिला शव, परिजनों का हंगामा
बच्ची के अचानक गायब होने और चीख-पुकार मचने के बाद परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर खेतों की तरफ दौड़ लगाई। करीब दो घंटे की सघन तलाशी के बाद, घर से कुछ दूरी पर स्थित सोयाबीन के एक घने खेत से प्रिशा का लहूलुहान शव बरामद हुआ। तेंदुए ने बच्ची के गले और सिर पर गहरे जख्म दिए थे, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
परिजनों की मांग: इस घटना से गुस्साए प्रिशा के परिवार और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर शव लेने से साफ इनकार कर दिया। बच्ची के चाचा केतनभाई सोलंकी ने मीडिया को बताया, “हम तब तक शव स्वीकार नहीं करेंगे जब तक कि उस आदमखोर तेंदुए को पकड़ा नहीं जाता। हमारी मांग है कि सरकार पीड़ित परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता (मुआवजा) तुरंत दे।”
वन विभाग का मेगा रेस्क्यू ऑपरेशन: तैनात किए गए 35 जवान
घटना की गंभीरता को देखते हुए गिर वेस्ट डिविजन के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) प्रशांत तोमर के निर्देश पर वन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर तैनात की गईं।
- 8-10 पिंजरे और थर्मल कैमरे: तेंदुए की संभावित मूवमेंट वाले रास्तों और खेत के आसपास 8 से 10 पिंजरे (Cages) लगाए गए हैं। इसके अलावा नाइट विजन और थर्मल कैमरों की मदद से तेंदुए को ट्रैक किया जा रहा है।
- चार रेंज की टीमें तैनात: तेंदुए को पकड़ने के लिए आसपास की 4 अलग-अलग रेंजों से 30 से 35 वन कर्मियों और अधिकारियों को देडकीयाल गांव में तैनात किया गया है, जो लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
- पास में ही है स्कूल, बढ़ा खतरा: स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जिस जगह से तेंदुए ने बच्ची को उठाया, वहां से महज 200 मीटर की दूरी पर एक स्कूल भी स्थित है। ऐसे में स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग बेहद सतर्क है।
ग्रामीणों के लिए वन विभाग की एडवाइजरी
गिर के नजदीकी वन क्षेत्रों में अक्सर वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि:
- रात के समय खेतों या खुले आंगन में बच्चों को बिल्कुल भी अकेला न छोड़ें।
- अंधेरा होने के बाद समूह (Group) में निकलें और अपने पास टॉर्च या लाठी जरूर रखें।
- घर के आसपास की झाड़ियों और ऊंची घासों को साफ रखें ताकि हिंसक जानवर छिप न सकें।
वन विभाग ने आश्वस्त किया है कि तेंदुए को जल्द से जल्द ट्रेंकुलाइज (Beast Capturing) कर लिया जाएगा और सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजे की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है।
