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हरिद्वार: हर साल वही कहानी! ज्वालापुर में रात की बारिश से जल निकासी व्यवस्था फेल, घुटनों तक पानी में जाने को मजबूर लोग

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  • ज्वालापुर में बारिश ने खोली सिस्टम की पोल, रेल चौकी के पास मुख्य बाजार में भरा नाले का गंदा पानी, दुकानदार परेशान ज्वालापुर में रात की बारिश के बाद जल निकासी व्यवस्था फेल, रेल चौकी के पास मुख्य बाजार में गंदे नाले का पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त, व्यापार ठप।

अर्जुन धारीवाल
ज्वालापुर/हरिद्वार। ज्वालापुर क्षेत्र में बीती रात हुई बारिश ने एक बार फिर नगर निगम के विकास कार्यों और जल निकासी व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। रेल चौकी के पास गंदे नाले का पानी उफनकर मुख्य बाजार की सड़क पर भर गया, जिससे कई घंटों तक जलभराव की स्थिति बनी रही।

गंदे पानी के सड़क पर भर जाने से राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को घुटनों तक भरे गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया।

हर साल वही कहानी, समाधान नहीं

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। हर वर्ष बारिश के दौरान ज्वालापुर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान के नाम पर अब तक कुछ नहीं हुआ है। बारिश आते ही सड़कें और बाजार जलमग्न हो जाते हैं।

लोगों का आरोप है कि विकास कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर तस्वीर बिल्कुल अलग है। यदि नालों की नियमित सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए तो हर बारिश में जनता को इस परेशानी से नहीं जूझना पड़ेगा।

जलभराव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दुकानदारों को उठानी पड़ी। सड़क पर गंदा पानी जमा होने से ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पाए और व्यापार प्रभावित हुआ।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए और नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

अब सवाल यह उठ रहा है कि जब विकास कार्यों के लिए करोड़ों का सरकारी बजट खर्च हो रहा है, तो उसका वास्तविक लाभ जनता तक क्यों नहीं पहुंच रहा? जनता को कागजों पर नहीं, धरातल पर बेहतर सड़क और जलभराव से मुक्ति चाहिए।

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