विजयवर्गीय बोले– ‘कोई कैसे कह दे, भारत तेरे टुकड़े होंगे’; पूर्वजों ने बलिदान दिया, देश में अराजकता बर्दाश्त नहीं
इंदौर: देश में बढ़ रही कथित राजनीतिक अराजकता और विपक्ष के नकारात्मक रवैये के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) 30 अक्टूबर को मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक बड़ी हुंकार भरने जा रही है। पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत शहर में एक विशाल पदयात्रा आयोजित की जा रही है।
इस मार्च से ठीक पहले, प्रदेश के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक वीडियो संदेश जारी कर देशविरोधी ताकतों और विघटनकारी बयानों पर गहरी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा, “हमारे पूर्वजों ने इस देश को अक्षुण्ण रखने के लिए अपना बलिदान दिया है। कोई कैसे कह दे कि भारत तेरे टुकड़े होंगे? हम देश में किसी भी कीमत पर अराजकता बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
“क्या देश को बांग्लादेश बनने देंगे?”
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में मंत्री विजयवर्गीय ने जनता से इस मार्च में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की। उन्होंने वैश्विक और पड़ोसी देशों के हालातों का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या देश में सत्ता पलटने के नाम पर सड़कों पर उतरकर तोड़फोड़ और आंदोलन करने वालों का समर्थन किया जाएगा? उन्होंने देश की अस्मिता और लोकतांत्रिक ताने-बाने को अक्षुण्ण रखने के लिए समाज के सभी वर्गों, व्यापारियों और प्रबुद्ध जनों से एकजुट होने का आह्वान किया है।
पैदल मार्च का रूट और तैयारियां
इस विशाल पदयात्रा की सफलता के लिए इंदौर में तैयारियां युद्ध स्तर पर पूरी कर ली गई हैं। स्वयं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और बीजेपी नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर पूरे रूट का निरीक्षण किया।
यह यात्रा 30 अक्टूबर को सुबह 10:00 बजे सुभाष नगर चौराहा से शुरू होगी। इसके बाद यह एलआईजी चौराहा मार्ग होते हुए पाटनीपुरा चौराहा पर समाप्त होगी। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य विपक्ष द्वारा संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए जा रहे आरोपों और नकारात्मक राजनीति का शांतिपूर्ण विरोध करना है।
मुख्यमंत्री समेत दिग्गज नेता होंगे शामिल
भाजपा नगर अध्यक्ष के अनुसार, यह पैदल मार्च एक बड़े जनआक्रोश प्रदर्शन के रूप में दिखेगा। इस पदयात्रा में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, व्यापारिक संगठनों के प्रमुख और हजारों की संख्या में जागरूक नागरिक शामिल होंगे। इस मार्च के जरिए भाजपा सामाजिक एकजुटता और राष्ट्रीय अखंडता का एक मजबूत संदेश देने की कोशिश कर रही है।
