Home मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश मूल गौवंशीय एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों को...

मध्य प्रदेश मूल गौवंशीय एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों को मिलेगा सम्मान, दसई में 30 एवं 31 अक्टूबर को होगी प्रतियोगिता

0

सरदारपुर

मध्य प्रदेश मूल गौवंशीय एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों को मिलेगा सम्मान, दसई में 30 एवं 31 अक्टूबर को होगी प्रतियोगिता

दशरथ पाटीदार

/दसई, 26 अक्टूबर 2026। पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा पशुपालकों को प्रोत्साहित करने, मध्य प्रदेश मूल गौवंशीय एवं भारतीय नस्ल गोवंश की उन्नत नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के अंतर्गत वृंदावन ग्रामदसई में‘गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना’ संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत ग्राम दसई स्थित श्री गोपाल कृष्ण गौशाला में 30 एवं 31 अक्टूबर 2026 को दुधारू गाय प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पशुपालकों को प्रथम पुरस्कार ₹1,00,000, द्वितीय पुरस्कार ₹50,000 तथा तृतीय पुरस्कार ₹25,000 प्रदान किए जाएंगे।
उपसंचालक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, जिला धार, डॉ. राकेश सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में विकासखंड सरदारपुर में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अधिकाधिक पशुपालकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
इसी क्रम में खंड पशु चिकित्सा अधिकारी, सरदारपुर, डॉ. दिलीप गामड़, पशु औषधालय दसई के प्रभारी श्री कुंदन वर्मा एवं मुख्य ग्राम इकाई, खंड सरदारपुर के श्री अशोक कुमार मालवीय (AVFO), श्री हेमराज कटारा AvFO सरदारपुर द्वारा 23 अक्टूबर 2026 को ग्राम दसई का भ्रमण किया गया। इस दौरान पशुपालकों को योजना के उद्देश्य, पात्रता, पुरस्कार राशि एवं प्रतियोगिता की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही, पात्र पशुपालकों के आवेदन एवं पंजीयन के लिए पंजीयन समिति तथा गायों की नस्ल एवं पात्रता के तकनीकी सत्यापन के लिए तकनीकी चयन समिति का गठन किया गया।
इसके अतिरिक्त, विभागीय दल द्वारा 25 एवं 26 अक्टूबर को ग्राम दसई में पुनः भ्रमण कर पशुपालकों के घर-घर पहुँचकर जनसंपर्क किया गया तथा योजना के प्रचार-प्रसार हेतु पेम्पलेट वितरित किए गए। ग्राम की दुग्ध सहकारी समिति एवं निजी दुग्ध समितियों में भी पशुपालकों को योजना की जानकारी देकर प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
गिर, साहीवाल, थारपारकर एवं मालवी निमाड़ी नस्ल की गायों को मिलेगा अवसर
जिनका प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन न्यूनतम 6 लीटर अथवा उससे अधिक है। इसमें सभी वर्गों के पशुपालक आवेदन कर सकते हैं।
प्रतियोगिता का उद्देश्य उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन करने वाली गायों की पहचान करना, पशुपालकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना तथा देशी गोवंश की नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसके माध्यम से पशुपालकों को बेहतर पशुपालन, संतुलित पोषण एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
पारदर्शी प्रक्रिया से होगा गायों का चयन
प्रतियोगिता में शामिल गायों के दूध उत्पादन का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तीन समय मापन कर औसत के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। दूध मापन की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय कर्मचारियों, दुग्ध समिति एवं गाय दुग्ध संग्रहण केंद्र का सहयोग लिया जाएगा। पशुओं की पहचान, नस्ल, स्वास्थ्य एवं संबंधित अभिलेखों का सत्यापन करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विजेताओं का चयन किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत पुरस्कार राशि का उपयोग गौ-संवर्धन संबंधी कार्यों में किया जाएगा। साथ ही, पुरस्कार प्राप्त पशु का न्यूनतम छह माह तक विक्रय नहीं किया जा सकेगा।
पशुपालक 29 अक्टूबर तक कराएँ पंजीयन
विभाग द्वारा ग्राम दसई के सभी पात्र पशुपालकों से अपील की गई है कि वे अपनी पात्र दुधारू गाय का पंजीयन 29 अक्टूबर 2026 तक पशु औषधालय दसई अथवा संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी/मैदानी कर्मचारी के माध्यम से अनिवार्य रूप से कराएँ।
कार्यक्रम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी:
योजना: गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना
पंजीयन की अंतिम तिथि: 29 अक्टूबर 2026
प्रतियोगिता की तिथि: 30 एवं 31 अक्टूबर 2026
स्थान: श्री गोपाल कृष्ण गौशाला, ग्राम दसई, विकासखंड सरदारपुर, जिला धार
प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,000
द्वितीय पुरस्कार: ₹50,000
तृतीय पुरस्कार: ₹25,000
पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने सभी पात्र पशुपालकों से इस अवसर का लाभ उठाने, अपनी उत्कृष्ट दुधारू गायों का पंजीयन कराने तथा प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की है। विभाग का उद्देश्य है कि देशी गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन हो, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिले तथा पशुपालक आर्थिक रूप से सशक्त बनें।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version