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महू के लोधिया कुंड में दर्दनाक हादसा: पैर फिसलने से गहरे पानी में गिरी बहन, बचाने उतरा भाई भी डूबा; दोनों की मौत

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महू के लोधिया कुंड में दर्दनाक हादसा: पैर फिसलने से गहरे पानी में गिरी बहन, बचाने उतरा भाई भी डूबा; दोनों की मौत

महू (इंदौर): मध्य प्रदेश के महू स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लोधिया कुंड में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ अपने परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आए एक ही परिवार के चचेरे भाई-बहन की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब पैर फिसलने की वजह से बहन पानी में गिरने लगी और उसे बचाने के चक्कर में भाई ने भी अपनी जान गंवा दी।

हाथ पकड़कर चल रहे थे, अचानक बिगड़ा संतुलन

पुलिस और चश्मदीदों से मिली जानकारी के मुताबिक, इंदौर के गौरी नगर और वीणा नगर के रहने वाले युवक-युवतियां लोधिया कुंड के आसपास घूम रहे थे। इसी दौरान अंजली चौहान (23), अश्विनी चौहान और अजीत सिंह चौहान (26) एक-दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ रहे थे।

तभी अचानक एक पथरीली जगह पर अंजली का पैर फिसल गया और संतुलन बिगड़ने से तीनों कुंड में गिरने लगे। पीछे चल रहे अन्य रिश्तेदारों ने मुस्तैदी दिखाते हुए दौड़कर अश्विनी को तो सुरक्षित बाहर खींच लिया, लेकिन अंजली गहरे पानी में समा गई।

बहन को बचाने के लिए भाई ने लगाई छलांग

अंजली को डूबता देख उसे बचाने के लिए भाई अजीत सिंह चौहान ने बिना सोचे-समझे तुरंत कुंड के गहरे पानी में छलांग लगा दी। पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण अजीत भी खुद को संभाल नहीं पाया और देखते ही देखते दोनों भाई-बहन आँखों के सामने ओझल हो गए।

ग्रामीणों की मदद से निकाले गए शव

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों और स्थानीय ग्रामीणों को तुरंत मदद के लिए बुलाया गया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और दोनों की सांसें थम चुकी थीं। सूचना मिलते ही सिमरोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए महू के मध्य भारत अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

प्रशासन की अपील: लापरवाही न बरतें पर्यटक

बारिश के मौसम में इंदौर के आसपास के नदी-नाले और जलाशय उफान पर हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से लगातार अपील की है कि वे प्रतिबंधित और असुरक्षित जलाशयों के नजदीक न जाएं और पत्थरों पर फिसलने के खतरे को देखते हुए कुंड या झरनों के किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।


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