भोपाल:
मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों में कार्यरत 4,500 से अधिक संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित नियमितीकरण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों ने ऊर्जा विभाग को सख्त लहजे में अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि 5 अक्टूबर तक विभागीय परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, तो वे दिवाली से ठीक पहले अनिश्चितकालीन काम बंद आंदोलन शुरू कर देंगे। इससे त्योहारों के सीजन में पूरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था ठप होने का बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
क्यों फूटा कर्मचारियों का गुस्सा?
दरअसल, ऊर्जा विभाग ने संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर समायोजित करने के लिए एक विशेष योजना तैयार की थी।
- तय समय सीमा से पिछड़े: इस योजना के तहत विभाग ने आगामी 31 अक्टूबर तक परीक्षा आयोजित करने, रिजल्ट घोषित करने और अंतिम चयन प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा था।
- अक्टूबर शुरू, पर आदेश गायब: अक्टूबर का महीना शुरू होने के बावजूद विभाग ने अब तक परीक्षा का शेड्यूल या आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी नहीं की है। विभाग की इस सुस्ती और लेती-लतीफी से संविदा कर्मचारियों में भारी असंतोष है।
जन प्रतिनिधियों के जरिए सरकार तक पहुंचाई आवाज
कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जन प्रतिनिधियों और राजनीतिक दिग्गजों को ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं:
- इंदौर में संविदा कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद शंकर लालवानी से मुलाकात कर उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराया।
- नर्मदापुरम में राज्यसभा सांसद माया नारोलिया को ज्ञापन देकर जल्द से जल्द प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू करवाने की मांग की गई।
- इसके अलावा, भाजपा के वरिष्ठ नेता हेमंत खंडेलवाल को भी कर्मचारियों ने अपनी मांगों का पत्र सौंपकर दखल देने की अपील की है।
क्या है नियमितीकरण का नया फॉर्मूला?
विभाग की इस योजना के तहत लाइन अटेंडेंट, टेस्टिंग अटेंडेंट, जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रहे वे कर्मचारी पात्र हैं, जिन्होंने अपनी संविदा सेवा के कम से कम 2 साल पूरे कर लिए हैं।
नियमितीकरण के लिए 100 अंकों के मूल्यांकन का नियम बनाया गया है। इसमें कर्मचारियों को ऑनलाइन विभागीय परीक्षा देनी होगी। साथ ही, उनके संविदा सेवा के अनुभव को देखते हुए अधिकतम 30 बोनस अंक भी दिए जाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार तुरंत परीक्षा की तारीखों का ऐलान करे, ताकि दिवाली से पहले उन्हें नियमित होने का तोहफा मिल सके।