भोपाल: मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर के इंटर्न डॉक्टरों ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। भोपाल सहित राज्य के सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों में ओपीडी (OPD) सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं, जिससे इलाज के लिए दूर-दूर से आए हजारों मरीज और उनके परिजन बेहाल हैं।
सड़कों पर बैठे डॉक्टर, पुराने शहर में लगा भारी जाम
राजधानी भोपाल में प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टर सुबह से ही सड़कों पर उतर आए हैं। डॉक्टरों के इस चक्काजाम और विरोध प्रदर्शन के कारण पुराने शहर के इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। वाहनों की लंबी कतारें लगने से आम जनता को भारी जाम का सामना करना पड़ रहा है।
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सुरक्षा बढ़ी, सीएम हाउस के रास्ते किए गए बंद
हड़ताली डॉक्टरों के उग्र रुख और मुख्यमंत्री निवास के घेराव की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। सुरक्षा के लिहाज से सीएम हाउस (CM House) की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग कर उन्हें बंद कर दिया गया है। भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।
मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपलब्धता के कारण इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी व्यवस्थाएं ठप हैं। ओपीडी पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टरों के केबिन तक सन्नाटा पसरा है, जिससे गरीब और गंभीर मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।



