सड़कों का बनेगा ‘डिजिटल हेल्थ कार्ड’: 70 हजार KM सड़कों की होगी रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, गड़बड़ी मिलने पर ठेकेदारों पर तुरंत एक्शन
भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़कों की स्थिति और समय से पहले गड्ढे होने की शिकायतों को दूर करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है. सरकार अब प्रदेश की लगभग 70 हजार किलोमीटर लंबी सड़कों का ‘डिजिटल हेल्थ कार्ड’ (Digital Health Card) तैयार करने जा रही है. इसके तहत लोक निर्माण विभाग (PWD) आधुनिक तकनीक और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए सड़कों की गुणवत्ता पर पल-पल की नजर रखेगा.
इस योजना के तहत एक विशेष डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिसमें हर सड़क के निर्माण की तारीख, इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री, गारंटी अवधि और वर्तमान स्थिति का पूरा लेखा-जोखा रीयल-टाइम अपडेट होगा. अगर गारंटी अवधि के भीतर किसी भी सड़क पर गड्ढे या खराबी पाई जाती है, तो सिस्टम तुरंत संबंधित ठेकेदार और निगरानी करने वाले इंजीनियर को चिन्हित कर अलर्ट जारी कर देगा. इसके बाद बिना किसी देरी के ठेकेदार के खर्च पर ही सड़क को दुरुस्त कराया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर ब्लैकलिस्ट करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस नई डिजिटल पहल से न केवल सड़कों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि सरकारी धन की बर्बादी और भ्रष्टाचार पर भी पूरी तरह से लगाम लगेगी.
