उज्जैन/भोपाल। मध्य प्रदेश अब देश के भीतर ऊर्जा उपकरण विनिर्माण (Energy Equipment Manufacturing) और विद्युत बुनियादी ढांचे के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित होने जा रहा है. जर्मनी की प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनी सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड (Siemens Energy India Ltd) उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी (फेज-2) में ₹2,053 करोड़ का भारी-भरकम निवेश कर प्रदेश का पहला सबसे बड़ा हाई-वोल्टेज पावर ट्रांसफार्मर प्लांट स्थापित करने जा रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय (भोपाल) में आयोजित एक विशेष बैठक में सीमेंस एनर्जी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) गुइल्हर्मे मेंडोंका, मुख्य वित्तीय अधिकारी हरीश शेखर और हेड-रियल एस्टेट पुनीत बंसल से मुलाकात कर उन्हें 60.49 एकड़ भूमि का आशय पत्र (Letter of Intent) आधिकारिक तौर पर सौंप दिया है.
इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत उज्जैन में बनने वाली इस नई इकाई में अत्यधिक उच्च क्षमता (220 KV, 440 KV और 765 KV) के आधुनिक पावर ट्रांसफार्मरों का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जाएगा. ये ट्रांसफार्मर देश की तेजी से बढ़ती विद्युत अवसंरचना आवश्यकताओं, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार, राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड के आधुनिकीकरण और सौर एवं पवन ऊर्जा जैसे अक्षय ऊर्जा स्रोतों को ग्रिड से सुरक्षित जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. कंपनी के बोर्ड द्वारा मंजूर किए गए इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत इस नई इकाई की वार्षिक निर्माण क्षमता लगभग 30,000 MVA होने का अनुमान है. कंपनी द्वारा इस विशाल प्लांट का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा और इसके प्रारंभिक चरणों को पूरा कर वर्ष 2030 से 2032 के बीच व्यावसायिक परिचालन (Commercial Operations) शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस वैश्विक निवेश का स्वागत करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश अपनी उद्योग-अनुकूल नीतियों, सुदृढ़ कानून व्यवस्था और विशाल लैंड बैंक के कारण वैश्विक कंपनियों के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य बन चुका है. उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में सीमेंस एनर्जी का यह बड़ा कदम न केवल 1,500 से अधिक स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार की गारंटी देगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स, कलपुर्जा उद्योगों, पैकेजिंग और सेवा क्षेत्र में हजारों नए अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा. इस निवेश के साथ ही विक्रम उद्योगपुरी क्षेत्र में पहले से काम कर रही अडानी समूह, अल्केम लैबोरेट्रीज और वॉल्वो आयशर जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ मिलकर यह पूरा बेल्ट देश के नक्शे पर एक अत्यंत मजबूत और आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के रूप में उभरने के लिए तैयार है.
