मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई की सड़कों पर विपक्ष और क्षेत्रीय दलों ने मोर्चा खोल दिया है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के नेतृत्व में मुंबई में एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की पुरजोर मांग की गई। पिछले तीन दिनों के भीतर चुनाव आयोग के खिलाफ यह तीसरा बड़ा प्रदर्शन है।
‘बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा चुनाव आयोग’
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम करने में पूरी तरह विफल रहा है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक राजनीतिक हथियार के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
राज ठाकरे की बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
इस विरोध प्रदर्शन में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने भी अपनी आवाज बुलंद की। राज ठाकरे ने चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तुरंत रद्द करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने आगामी चुनावों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय पूरी तरह से बैलेट पेपर के जरिए कराने की वकालत की, ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल हो सके।
3 दिन में तीसरा बड़ा प्रदर्शन
मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले तीन दिनों के भीतर सीईसी के खिलाफ यह तीसरा बड़ा प्रदर्शन है, जिसने राज्य के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग जानबूझकर ऐसे फैसले ले रहा है जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन को फायदा पहुंचे। इस संयुक्त प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र में आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।
