‘बांग्लादेश ने रास्ता दिखाया’… AISA अध्यक्ष नेहा बोरा के वायरल बयान पर सियासत गर्म, BJP ने विपक्ष को घेरा
नई दिल्ली:
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची में सुधार (SIR) को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora) का एक वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नेहा बोरा द्वारा बांग्लादेश के छात्र आंदोलन का ज़िक्र किए जाने के बाद देश में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बयान को लेकर कांग्रेस और विपक्ष पर सीधा हमला बोला है।
क्या है नेहा बोरा का वायरल बयान?
दरअसल, नेहा बोरा ने बांग्लादेश के ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट’ के राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने बांग्लादेश के हालिया छात्र आंदोलन (Gen-Z Movement) की तारीफ करते हुए कहा:
“हम आपको लाल सलाम पेश करते हैं। हम जानते हैं कि देश में जो ज़ेन-ज़ी (Gen-Z) आंदोलन हम देख रहे हैं, उसकी शुरुआत सबसे पहले बांग्लादेश में हुई थी। हमें रास्ता दिखाने और इस देश के युवाओं के साथ एकजुटता बढ़ाने के लिए आपको बधाई।”
उन्होंने आगे दोनों देशों के आंदोलनों की तुलना करते हुए कहा कि बांग्लादेश में लड़ाई लोकतांत्रिक और मतदान के अधिकारों के लिए थी, और भारत में भी युवा आज इन्हीं अधिकारों के लिए सड़कों पर हैं।
BJP का पलटवार: ‘भारत में अराजकता फैलाने की साज़िश’
नेहा बोरा के इस बयान के सामने आते ही भाजपा आक्रामक हो गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष और राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष भारत में “अराजकता की राजनीति” और “सत्ता परिवर्तन (Regime Change)” का एजेंडा चला रहा है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन युवाओं के अधिकारों का नहीं, बल्कि देश में बांग्लादेश जैसी अशांति पैदा करने की एक गहरी साज़िश है।
सुर्खियों में क्यों हैं नेहा बोरा?
29 वर्षीय नेहा बोरा उत्तराखंड की रहने वाली हैं और जेएनयू (JNU) की रिसर्च स्कॉलर हैं। पिछले कुछ दिनों में वह देश के युवा और छात्र आंदोलन का एक बड़ा चेहरा बनकर उभरी हैं, जिसकी चर्चा अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी हो रही है। हाल ही में दिल्ली प्रदर्शनों के दौरान विपक्ष के बड़े नेताओं, जैसे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ उनकी तस्वीरें और मंच साझा करने के वीडियो भी काफी वायरल हुए हैं, जिसके बाद से ही वह भाजपा के निशाने पर हैं।
नेहा बोरा का जवाब
इस पूरे विवाद और सरकार द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नेहा बोरा ने मीडिया से कहा कि सरकार एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक छात्र आंदोलन को जानबूझकर भटकाने और इसे दूसरा रूप देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं की यह लड़ाई सिर्फ लोकतंत्र और संविधान को बचाने की है।
फिलहाल, इस वायरल बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर संसद के गलियारों तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
