सीएम योगी के पीलीभीत पहुंचने से पहले हिंदू महासभा के पदाधिकारी हाउस अरेस्ट, जिलाध्यक्ष बोले- अपनी ही सरकार में अपमानित हो रहे
पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पीलीभीत आगमन से पहले अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियों को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। संगठन के जिलाध्यक्ष पंडित पंकज शर्मा ने आरोप लगाया कि उन्हें रात से ही घर में हाउस अरेस्ट रखा गया है। बीसलपुर नगर अध्यक्ष सुनील अवस्थी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों पर भी पुलिस की कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले हुई इस कार्रवाई को लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई है।
हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष पंडित पंकज शर्मा ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता भाजपा को मजबूत करने के लिए दिन-रात मेहनत करते रहे हैं। इसके बावजूद अपनी ही सरकार में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार और हाउस अरेस्ट किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रशासन को उनसे इतना डर क्यों है और उन्होंने ऐसा कौन सा अपराध किया है।
पंकज शर्मा ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता पीलीभीत की प्रमुख समस्याओं और जनहित के मुद्दों को उठाते हैं। मुख्यमंत्री के सामने जनता की आवाज पहुंचने की आशंका के चलते उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि दुख हाउस अरेस्ट होने का नहीं, बल्कि इस बात का है कि जिस संगठन के कार्यकर्ताओं ने भाजपा को मजबूत करने के लिए संघर्ष किया, आज उन्हीं की आवाज दबाई जा रही है।
नगर अध्यक्ष सुनील अवस्थी ने जताई नाराजगी
बीसलपुर नगर अध्यक्ष सुनील अवस्थी ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार का रवैया आतंकवादियों जैसा हो रहा है, जबकि हिंदू महासभा के कार्यकर्ता भाजपा के कट्टर समर्थक हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को मजबूत करने के लिए संगठन के कार्यकर्ताओं ने तन-मन से मेहनत की है। इसके बावजूद अपनी ही सरकार में उन्हें हाउस अरेस्ट किया जा रहा है।
सुनील अवस्थी ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता जनता की समस्याओं को उठाते हैं। मुख्यमंत्री के सामने जनहित के मुद्दे रखने से रोकना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जब भाजपा समर्थक ही अपनी बात सरकार तक नहीं पहुंचा सकते तो फिर जनता की समस्याओं को कौन उठाएगा।
जिलाध्यक्ष पंडित पंकज शर्मा ने कहा कि संगठन ने कभी सत्ता से सुख-सुविधाओं की मांग नहीं की, बल्कि जनता के हक और सम्मान के लिए आवाज उठाई है। सपा सरकार में संघर्ष किया और मुकदमे झेले, लेकिन अब अपनी ही सरकार में हाउस अरेस्ट होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें पद नहीं, सम्मान चाहिए। सत्ता का सुख नहीं, बल्कि जनता की आवाज उठाने का अधिकार चाहिए।
उन्होंने कहा कि संगठन अन्याय और गलत व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा। जनता के हितों की लड़ाई कल भी जारी थी, आज भी है और आगे भी जारी रहेगी।
