भोपाल (भौरी पुलिस अकादमी): मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव-प्रशिक्षित पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया की आभासी दुनिया से बाहर निकलकर जनता के बीच वास्तविक काम करने की सख्त हिदायत दी है। भौरी पुलिस अकादमी में आयोजित 48 प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों (DSP) के दीक्षांत एवं पासिंग आउट परेड समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बड़ा बयान दिया।
रील्स नहीं, रियल समस्याओं पर ध्यान दें
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में सोशल मीडिया के बढ़ते चलन और लोकप्रियता बटोरने की होड़ पर सीधा कटाक्ष किया। अधिकारियों को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा, “आपका समय रील बनाने में नहीं, बल्कि जनता की रियल (वास्तविक) समस्याओं को सुलझाने में लगना चाहिए।” उन्होंने साफ किया कि एक पुलिस अधिकारी की असली पहचान सोशल मीडिया के लाइक्स और व्यूज से नहीं, बल्कि उसकी जनसेवा और समाज के प्रति उसकी कर्तव्यनिष्ठा से तय होती है।
कमजोरों और महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि
डॉ. मोहन यादव ने नव-नियुक्त अधिकारियों को समाज के सबसे कमजोर तबकों के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को समाज के पीड़ित, गरीब, महिलाओं, बच्चों और पिछड़ों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। जनता के मन में पुलिस के प्रति अटूट विश्वास और अपराधियों के मन में डर पैदा करना ही पुलिसिंग का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
नशे और संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार
अपने संबोधन के दौरान सीएम ने कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया। उन्होंने नए डीएसपी को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठित अपराध और अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई करें।
अनुशासन की शानदार मिसाल
इससे पहले, 1 वर्ष के कड़े शारीरिक, मानसिक और कानूनी प्रशिक्षण को पूरा करने के बाद पासआउट हुए 48 प्रशिक्षु डीएसपी ने मैदान पर अनुशासन और तालमेल के साथ शानदार मार्च पास्ट और परेड का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जांबाज प्रशिक्षुओं को पदक और ट्राफियां प्रदान कर सम्मानित किया।
