BRICS Business Forum 2026: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का बड़ा बयान, बोले- ‘स्थानीय करेंसी में व्यापार करें BRICS देश, UPI बनेगा आधार’
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित BRICS बिजनेस फोरम 2026 के उद्घाटन सत्र में आज (11 सितंबर 2026) केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक बड़ा और ऐतिहासिक आर्थिक प्रस्ताव रखा है। उन्होंने डॉलर पर निर्भरता कम करने (De-dollarisation) की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सभी BRICS सदस्य और सहयोगी देशों से अपनी स्थानीय मुद्राओं (Local Currencies) में व्यापार करने और अपने डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने की जोरदार अपील की है।
यूपीआई (UPI) बनेगा क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड का नया आधार
बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की सफलता का लोहा मनवाया। उन्होंने कहा, “भारत का Unified Payments Interface (UPI) सालाना 250 अरब (250 Billion) से अधिक के ट्रांजैक्शन को संभाल रहा है, जो वैश्विक स्तर पर कुल लेनदेन की मात्रा का आधे से भी अधिक है。 वर्तमान में यूपीआई दुनिया के 11 देशों में स्वीकार किया जा रहा है। मैं सभी BRICS देशों से आग्रह करता हूँ कि वे अपने पेमेंट सिस्टम को हमारे साथ लिंक करें।”
आधा संसार और 40% ग्लोबल जीडीपी का प्रतिनिधित्व
वाणिज्य मंत्री ने याद दिलाया कि BRICS संगठन आज वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक बेहद मजबूत पिलर बन चुका है। यह समूह दुनिया की आधी आबादी और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 40 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। पीयूष गोयल ने कहा कि यदि सभी सदस्य देश आपस में डिजिटल व्यापार को बढ़ावा देते हैं और अपनी करेंसी में लेन-देन करते हैं, तो इससे रोजगार के करोड़ों नए अवसर पैदा होंगे और सभी देशों में समृद्धि आएगी।
‘ओपन मार्केट’ और ‘सप्लाई चेन’ को मजबूत करने पर ज़ोर
स्थानीय करेंसी के अलावा पीयूष गोयल ने व्यापारिक बाधाओं को हटाने पर भी बात की। उन्होंने सदस्य देशों से अपील की:
- गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाना: लगभग 88% देशों में नॉन-टैरिफ उपाय निर्यात की लागत बढ़ा रहे हैं, इन्हें कम किया जाना चाहिए।
- बाजारों को खोलना: कच्चे माल और महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) के लिए देशों को अपने बाजारों को एक-दूसरे के लिए खोलना चाहिए।
- टू-वे सप्लाई चेन: उन्होंने जोर देकर कहा कि सप्लाई चेन तभी मजबूत रह सकती है जब व्यापार दोनों तरफ से बराबर बहे।
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भारत इस समय खुद को इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्युटिकल्स (दवाइयों) के क्षेत्र में BRICS देशों के लिए एक “भरोसेमंद पार्टनर” के रूप में देख रहा है। नई दिल्ली में आयोजित हो रहे इस दो दिवसीय सम्मेलन के बाद कल से मुख्य BRICS समिट 2026 की शुरुआत होने जा रही है, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं।
