प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में करीब 25 मिनट के अपने संबोधन के दौरान वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत, मजबूत अर्थव्यवस्था और दूरदर्शी सोच को दुनिया के सामने रखा. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुनिया जब भी अनिश्चितता के दौर से गुजरती है, भारत एक मजबूत स्तंभ की तरह अपना दायित्व निभाता है.
न्यूज वेबसाइट की हेडलाइंस के हिसाब से पीएम मोदी के भाषण की अन्य मुख्य बातें पूरी तरह हिंदी में नीचे दी जा रही हैं:
हम किसी की कीमत पर नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के साथ बढ़ते हैं
पीएम मोदी ने भारत के आर्थिक दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत वैश्विक मंच पर अपनी समृद्धि किसी दूसरे देश को नुकसान पहुँचाकर नहीं चाहता. उन्होंने कहा, “हम किसी की कीमत पर आगे नहीं बढ़ते, हम दुनिया के साथ और दुनिया के लिए बढ़ते हैं.” भारत आज के वैश्विक तनाव और व्यापारिक रुकावटों के बीच दुनिया के लिए सबसे भरोसेमंद आर्थिक भागीदार है.
जब दुनिया को मजबूत स्तंभ की जरूरत होती है, भारत हाथ आगे बढ़ाता है
प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय में पूरी दुनिया भारत की ओर देखती है. आज दुनिया की हर पांच में से एक जेनेरिक दवा भारत से आती है. जब भी दुनिया को डिजिटल पहचान, सुरक्षित भुगतान मॉडल या कुशल युवाओं के टैलेंट की आवश्यकता होती है, तो वैश्विक स्तर पर भारत के मॉडल पर भरोसा जताया जाता है. आज भारत में 2,000 से अधिक वैश्विक क्षमता केंद्र विदेशी कंपनियों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
शून्य देने वाले भारत ने कभी रॉयल्टी या क्रेडिट नहीं मांगा
प्राचीन इतिहास का हवाला देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा बिना किसी स्वार्थ के मानवता की सेवा की है. उन्होंने उदाहरण दिया कि भारत ने दुनिया को ‘शून्य’ दिया जिसने पूरी मानव सभ्यता का भाग्य बदल दिया, लेकिन बदले में देश ने कभी किसी से रॉयल्टी या क्रेडिट नहीं मांगा. आज भी भारत इसी सेवा भावना के साथ वैश्विक चुनौतियों का समाधान पेश कर रहा है.
मजबूत बुनियादी ढांचे और सुधारों से भाग रही भारत की अर्थव्यवस्था
प्रधानमंत्री ने देश की आर्थिक मजबूती के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में भारत ने 7.8 प्रतिशत की शानदार जीडीपी ग्रोथ दर्ज की है. इसके साथ ही देश का विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर के ऐतिहासिक स्तर को पार कर चुका है. टैक्स व्यवस्था, दिवाला कानून और श्रम कानून जैसे क्षेत्रों में किए गए निरंतर सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बेहद लचीला और मजबूत बनाया है.
पर्यावरण संरक्षण में भारत अव्वल, समय से 9 साल पहले हासिल किया लक्ष्य
जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा पर बात करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने नवंबर 2021 में ही अपनी कुल बिजली क्षमता का 40 प्रतिशत गैर-जीवाश्म स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य पा लिया था. यह लक्ष्य 2030 तक पूरा होना था, जिसे भारत ने 9 साल पहले ही हासिल कर लिया और ऐसा करने वाला भारत पहला जी-20 देश बना. साल 2014 में जहां देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 75 गीगावाट थी, वह अब बढ़कर करीब 300 गीगावाट तक पहुंच चुकी है.
