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MP शिक्षक पदोन्नति: मध्य प्रदेश में 32 हजार शिक्षकों के प्रमोशन की तैयारी तेज, 8 साल का सर्विस रिकॉर्ड और CR खंगालेगा विभाग; दिसंबर में TET परीक्षा

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भोपाल । मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। स्कूल शिक्षा विभाग में अलग-अलग कैडर के लगभग 32 हजार शिक्षकों की पदोन्नति (प्रमोशन) की प्रक्रिया को रफ्तार देने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस महा-प्रमोशन अभियान को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के लिए विभाग ने उम्मीदवारों के पिछले 8 साल के गोपनीय प्रतिवेदन (CR – Confidential Report) और सेवा अभिलेखों की गहन जांच करने का फैसला किया है。 दूसरी तरफ, पदोन्नति की इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार इसे शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के नतीजों से भी जोड़ने जा रही है, जो आगामी दिसंबर में आयोजित होनी प्रस्तावित है。

2018 से 2025 तक की CR रिपोर्ट की होगी पड़ताल

लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सभी संभागीय और जिला शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि उच्च माध्यमिक शिक्षकों सहित पदोन्नति के दायरे में आने वाले सभी संवर्गों की वरिष्ठता सूची और गोपनीय प्रतिवेदन को तुरंत अपडेट किया जाए। विभाग द्वारा वर्ष 2018 से लेकर वर्ष 2025 तक के कुल 8 वर्षों के सेवा रिकॉर्ड और चरित्र प्रमाण की स्क्रूटनी की जाएगी। विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के सामने मामला जाने से पहले अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी शिक्षक के खिलाफ कोई विभागीय जांच, अनुशासनात्मक कार्रवाई, निलंबन या गंभीर शिकायत लंबित न हो।

दिसंबर में प्रस्तावित TET परीक्षा बना मुख्य मापदंड

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के अनुपालन के तहत, राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रमोशन के लिए टीईटी (TET) पास होने की अनिवार्यता को एक प्रमुख आधार बनाया है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) के माध्यम से दिसंबर में टीईटी परीक्षा का आयोजन किया जाना तय हुआ है, जिसके लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। शीर्ष अदालत के निर्देशानुसार राज्य में दिसंबर 2028 तक कुल छह बार टीईटी परीक्षा आयोजित की जानी है, जिसमें से यह पहली परीक्षा होगी। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, यह पात्रता परीक्षा मुख्य रूप से उन शिक्षकों के लिए अनिवार्य की जा रही है जो 1998 से 2000 के बीच शिक्षा विभाग की सेवा में शामिल हुए थे। परीक्षा और रिजल्ट के बाद ही प्रमोशन की पहली आधिकारिक सूची जारी होने की पूरी संभावना है।

शिक्षक संगठनों का रुख और नई भर्तियों का रास्ता

एक ओर जहां शासकीय शिक्षक संगठन सालों से पेंडिंग पड़ी इस प्रमोशन प्रक्रिया को बिना किसी नई परीक्षा के तुरंत पूरा करने की मांग कर रहे हैं और मुख्यमंत्री से आश्वासन के बाद रणनीति तैयार कर रहे हैं, वहीं विभाग नियमों को कानूनी रूप से पूरी तरह पुख्ता रखना चाहता है। इस मेगा प्रमोशन ड्राइव का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि 32 हजार से अधिक शिक्षकों के उच्च पदों पर प्रमोट होने और आगामी महीनों में होने वाले सेवानिवृत्ति (Retirement) के आंकड़ों को मिलाकर प्रदेश में हजारों नए पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता भी साफ होगा। विभाग प्रमोशन की पहली सूची जारी करने के बाद खाली पदों की वास्तविक गणना करेगा, जिससे नए युवाओं को भी रोजगार के बड़े अवसर मिलेंगे।

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