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‘नाराज फूफा’ जैसे हैं आलोचक, हर ऐतिहासिक काम में निकालते हैं मीन-मेख: Gen-Z के बीच PM मोदी का विपक्ष पर तीखा तंज

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सभी नाराज फूफाओं को भारत ने जवाब दिया’, Gen-Z से सीधी बात में PM मोदी का विपक्ष पर वार

नई दिल्ली, 5 सितंबर 2026:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में शामिल हुए। शिक्षक दिवस के खास अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 13 साल बाद पहुंचे पीएम मोदी ने युवाओं से जुड़ने के लिए एक बिल्कुल अनूठा अंदाज अपनाया। उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक भाषणों से दूर हटकर आज की ‘Gen-Z’ पीढ़ी की यूथ लिंगो (Youth Lingo) का खुलकर इस्तेमाल किया और कॉलेज के पूर्व छात्रों को “OG” (ओरिजिनल गैंगस्टर्स यानी दिग्गज) कहकर संबोधित किया।

इसी मंच से उन्होंने देश की प्रगति और विकास कार्यों पर लगातार सवाल उठाने वाले विपक्ष और आलोचकों की तुलना शादियों के ‘नाराज फूफा’ से करते हुए उन पर तीखा हमला बोला।

“हर काम में फूफा नाराज हो जाते हैं…”

छात्रों की तालियों के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे हमारे यहां शादियों में कुछ फूफा बिना किसी बड़ी वजह के हमेशा नाराज घूमते रहते हैं, ठीक वैसा ही रवैया देश के कुछ विपक्षी नेताओं और आलोचकों का बन चुका है। देश में जब भी कोई ऐतिहासिक काम शुरू होता है, ये फूफा हर बात में मीन-मेख निकालने मैदान में आ जाते हैं।

प्रधानमंत्री ने कुछ प्रमुख उदाहरण गिनाते हुए आलोचकों को आड़े हाथों लिया:

  • डिजिटल पेमेंट (UPI): जब देश को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए यूपीआई ढांचा तैयार किया जा रहा था, तब विपक्ष ने इसे गैर-जरूरी बताया था।
  • नया संसद भवन: लोकतंत्र के नए और आधुनिक परिसर के निर्माण पर भी विरोधियों ने सवाल खड़े किए थे।
  • नेशनल वॉर मेमोरियल: देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की स्मृति में बने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का भी इसी तरह विरोध किया गया था।
  • स्टैचू ऑफ यूनिटी और बुलेट ट्रेन: दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा और हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट्स की शुरुआत के वक्त भी आलोचकों ने इसकी उपयोगिता पर सवाल उठाए थे।

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13 साल पुराना ‘आधा भरा ग्लास’ और बदली हुई तस्वीर

पीएम मोदी ने साल 2013 के अपने SRCC दौरे को याद किया, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में यहां आए थे। उन्होंने उस समय के पानी के ग्लास वाले अपने प्रसिद्ध उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा:

  • साल 2013 में देश में चारों तरफ घोटालों और निराशा का माहौल था। तब मैंने कहा था कि मैं ग्लास को आधा खाली नहीं, बल्कि आधा पानी और आधा हवा से भरा हुआ देखता हूं।
  • आज 13 साल बाद स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। जो दुनिया कभी भारत की “पॉलिसी पैरालिसिस” (नीतिगत पंगुता) से चिंतित रहती थी, आज वह भारत की “पॉलिसी डायनामिज्म” (नीतिगत गतिशीलता) पर चर्चा कर रही है।
  • कभी ‘फ्रेजाइल फाइव’ (कमजोर अर्थव्यवस्थाओं) में गिना जाने वाला भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है, जिसकी हालिया तिमाही जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8% रही है।

“मैं ‘माई-बाप कल्चर’ के खिलाफ हूँ…”

युवाओं को प्रेरित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे देश में सालों से चले आ रहे ‘माई-बाप कल्चर’ (वीआईपी संस्कृति और सरकार पर निर्भरता) के सख्त खिलाफ हैं। आज का युवा किसी के सहारे का मोहताज नहीं है। स्टार्टअप इकोसिस्टम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि साल 2016 से पहले जहां देश में 400 से भी कम स्टार्टअप थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 2,30,000 से अधिक हो चुकी है। यह देश के युवाओं की आत्मनिर्भर सोच का परिणाम है।

सुरक्षा और आतंकवाद पर कड़ा संदेश

देश की सुरक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज आतंकवाद फैलाने वाले लोग पूरी तरह बैकफुट पर हैं। अगर पाकिस्तान कोई भी दुस्साहस करने की कोशिश करता है, तो भारत की सेना सीमा पार जाकर मुंहतोड़ जवाब देती है। जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक शांति का माहौल बढ़ा है और नक्सलवाद-माओवाद को करारा झटका लगा है।

वीआईपी काफिला छोड़ दिल्ली मेट्रो से पहुंचे पीएम मोदी

इस कार्यक्रम की एक और खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी बड़े वीआईपी काफिले या गाड़ियों के बेड़े के साथ कॉलेज नहीं पहुंचे। उन्होंने लोक कल्याण मार्ग से विश्वविद्यालय स्टेशन तक दिल्ली मेट्रो में सफर किया। सफर के दौरान उन्होंने मेट्रो में सफर कर रहे आम नागरिकों और Gen-Z छात्रों से सीधे बातचीत की, उनके करियर, शिक्षा और भविष्य के लक्ष्यों को जाना।

100 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का जारी:
समारोह के अंत में, प्रधानमंत्री ने SRCC की 100 साल की इस शानदार और ऐतिहासिक शैक्षणिक यात्रा के सम्मान में 100 रुपये का एक विशेष स्मारक सिक्का भी जारी किया और शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई दी।

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