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‘छात्रों की गूंज’ रैली के लिए 1500 सुरक्षा स्वयंसेवक और 14 गेट बनाना अनिवार्य; शाम 6 बजे मंच होगा पूरी तरह सील।

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इंदौर।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आगामी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इंदौर के आईडीए (IDA) मैदान पर होने वाले इस छात्र संवाद के लिए सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी कर दी गई है कि आयोजकों को 31 कड़े नियमों और शर्तों की एक लंबी सूची थमाई गई है।

इस सुरक्षा आदेश में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस प्रशासन ने 35 वर्ष पुराने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड (1991) की सुरक्षा कमियों और वर्मा आयोग की रिपोर्ट का आधिकारिक संदर्भ दिया है। पुलिस का तर्क है कि श्रीपेरंबदूर की रैली में लचर बैरिकेडिंग और आयोजकों की लापरवाही से बड़ी चूक हुई थी, जिसे इंदौर में दोहराने का कोई जोखिम नहीं लिया जा सकता।

सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाने वाले 5 प्रमुख कड़े नियम:

  • सुरक्षाकर्मियों जैसी भारी फौज: भीड़ प्रबंधन को संभालने के लिए आयोजकों को अपनी तरफ से 1500 प्रशिक्षित स्वयंसेवक (वॉलेंटियर्स) मैदान में उतारने होंगे। इनमें से 500 महिला वॉलेंटियर्स होना अनिवार्य है, जो महिला ब्लॉक की जिम्मेदारी संभालेंगी।
  • प्रवेश और निकास का कड़ा चक्रव्यूह: मैदान में भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए 6 एंट्री पॉइंट और 8 एग्जिट गेट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी गेटों की चौड़ाई 6 मीटर तय की गई है, जहां 20 डीएफएमडी (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) और 40 हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर से गहन चेकिंग के बाद ही प्रवेश मिलेगा।
  • तीसरी आंख का पहरा: पूरे आयोजन स्थल की पल-पल की निगरानी के लिए 40 नाइट-विजन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने होंगे। इन कैमरों का लाइव फीड सीधे पुलिस के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा और इसका 30 दिनों का बैकअप संभाल कर रखना होगा।
  • 12 मिनट का क्विक इवेकुएशन प्लान: अगर आपातकालीन स्थिति या अचानक भारी बारिश होती है, तो पूरे ग्राउंड को मात्र 12 मिनट के अंदर खाली कराने का रूट मैप तैयार करना होगा। मुख्य कार्यक्रम से एक दिन पहले इसकी मॉक ड्रिल करना भी अनिवार्य है।
  • मंच की घेराबंदी: राहुल गांधी जिस मुख्य मंच से छात्रों को संबोधित करेंगे, उसे आज शाम 6 बजे ही सील कर दिया जाएगा। बम निरोधक दस्ते (BDDS) की हरी झंडी के बाद ही इसे खोला जाएगा। साथ ही, मंच पर मौजूद रहने वाले सभी वीआईपी मेहमानों की लिस्ट 24 घंटे पहले जमा करनी होगी।

भीड़ का शपथ पत्र और ‘स्नेक कैचर’ की अनोखी शर्त

प्रशासन ने आयोजकों से कार्यक्रम में आने वाले लोगों की संख्या का एक आधिकारिक हलफनामा (Affidavit) मांगा है, जिसमें महिला-पुरुषों का अनुमानित अनुपात बताना होगा। इसके अलावा, चूंकि आयोजन खुले मैदान में हो रहा है, इसलिए सांप या अन्य जहरीले जीवों के खतरे से निपटने के लिए एक सपेरे (स्नेक कैचर) की तैनाती करने को भी कहा गया है, जिसकी आईडी पुलिस वेरिफिकेशन से गुजरेगी। रैली क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निजी ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।

क्या है ‘छात्रों की गूंज’ आंदोलन?

यह राहुल गांधी का एक राष्ट्रव्यापी संवाद कार्यक्रम है, जिसके जरिए वे युवाओं और छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों जैसे पेपर लीक घोटाले, बेरोजगारी और महंगी उच्च शिक्षा पर सीधी बात करते हैं। कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे की बड़ी रैलियों के बाद अब इंदौर इस अभियान का पांचवां बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।

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