Sunday, September 13, 2026

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राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा: जानें कौन हैं ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लीड करने वाले देवरिया के लाल

अयोध्या ब्यूरो
अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन को कॉर्पोरेट व पेशेवर स्तर पर संचालित करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।

बुधवार को अयोध्या में आयोजित ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। यह पहली बार है जब राम मंदिर के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों की कमान किसी शीर्ष सैन्य अधिकारी को सौंपी गई है।

देवरिया के लाल और वायुसेना के जांबाज कमांडर

नवनियुक्त सीईओ जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले हैं। भारतीय वायुसेना में उनका करियर बेहद शानदार और उपलब्धियों से भरा रहा है। देश की सुरक्षा में उनके रणनीतिक कौशल का सबसे बड़ा प्रमाण तब मिला, जब उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान वायुसेना की सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण ‘पश्चिमी कमान’ (Western Air Command) का सफल नेतृत्व किया था। सैन्य सेवाओं में उनके उत्कृष्ट और अनुकरणीय योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा प्रतिष्ठित पदकों से भी सम्मानित किया जा चुका है।

5300 आवेदकों को पछाड़कर बनाई जगह

राम मंदिर ट्रस्ट के इस हाई-प्रोफाइल पद के लिए देश-विदेश से भारी उत्साह देखा गया था। ट्रस्ट को इस जिम्मेदारी के लिए 5,300 से अधिक आवेदन मिले थे। इतने बड़े पूल में से योग्य उम्मीदवार को चुनने के लिए एक विशेष चयन समिति का गठन किया गया था, जिसमें रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े शामिल थे। समिति ने कई दौर की छंटनी और कड़े मापदंडों के बाद एयर मार्शल मिश्रा के नाम की सिफारिश की, जिसे ट्रस्ट ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

क्यों पड़ी सैन्य पृष्ठभूमि के CEO की जरूरत?

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से हर दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इतने बड़े स्तर पर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए एक मजबूत प्रशासनिक अनुभव की आवश्यकता थी। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के पास कड़े सैन्य अनुशासन और बड़े ऑपरेशन्स को संभालने का दशकों का अनुभव है।

सीईओ के रूप में उनकी प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी:

  • हाई-टेक सुरक्षा: मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य और आधुनिक बनाना।
  • पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन: करोड़ों रुपये के चढ़ावे, दान और ट्रस्ट के खातों का सटीक ऑडिट व प्रबंधन करना।
  • भक्तों की सुगमता: त्योहारों और विशेष अवसरों पर आने वाली भारी भीड़ के लिए वीआईपी और सामान्य दर्शन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करना।
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